Varanasi: शहर के श्री अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्र में उस वक़्त हड़कंप मच गया, जब एक संदिग्ध युवक को चाकू के साथ पुलिस ने पकड़ लिया. युवक की पहचान शाहिद जमाल पुत्र कमरुद्दीन, निवासी नवापुरा, मुगलसराय, विपुल स्टैंड के पास के रूप में हुई है। मामले की संदिग्धता को देखते हुए पुलिस ने युवक शहीद से पूछताछ शुरू कि जिसमें उसके मंदिर पहुंचने की वजह कुछ और ही निकली। इस वजह ने सभी को हैरान कर दिया।
दरअसल, जब भूख की मार कीस पर पड़ती है तो उसे उसके आगे न कोई धर्म दिखता है और न ही जाति. इसी बीच युवक भी भूख और आर्थिक तंगी के चलते मुफ्त भोजन की तलाश में मुगलसराय से पैदल वाराणसी पहुंचा था।
शक होने पर पुलिस ने की गहन पूछताछ
शाहिद मुस्लिम टोपी पहने अन्नपूर्णा मंदिर (Varanasi) के अन्न क्षेत्र की ओर जा ही रहा था कि तभी हाई सिक्योरिटी जोन होने के कारण पुलिस ने उसे रोक लिया और पूछताछ करना शुरू कर दिया। तलाशी के दौरान उसके पास चाकू मिला. इसके बाद पुलिस को उसपर शक भी होने लगा कि वह कही किसी और मंशा से तो मंदिर क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर रहा था।
पुलिस के गहन पूछताछ में शाहिद ने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से है और कई बार घर पर भी पेट भर खाना नहीं मिल पाता। वह सुबह करीब आठ बजे मुगलसराय से पैदल वाराणसी के बुलानाला पहुंचा था। उसका उद्देश्य मजदूरी तलाशना था, लेकिन काम नहीं मिलने के बाद उसे अन्नपूर्णा मंदिर में निशुल्क भोजन मिलने की जानकारी हुई। इसके बाद वह भोजन करने के लिए मंदिर के अन्न क्षेत्र की ओर जा रहा था।
आयोजनों में सब्जी काटने के लिए रखता था चाकू
पुलिस (Varanasi) के मुताबिक, शाहिद ने बताया कि वह विभिन्न आयोजनों में सब्जी काटने का काम भी करता है और इसी काम के लिए चाकू अपने साथ रखता था। मंदिर में भोजन मिलने की जानकारी होने के बाद वह वहां पहुंचा था। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में युवक की ओर से किसी संदिग्ध मंशा की जानकारी सामने नहीं आई।
Varanasi: अन्नपूर्णा मंदिर में निशुल्क भोजन की व्यवस्था
बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्र (Varanasi) में श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए नियमित रूप से भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था की जाती है। यहां बड़ी संख्या में लोग भोजन करते हैं और व्यवस्था निरंतर चलती रहती है।
ये भी पढ़ें:- युवती को कार में जबरन खींचा, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
दशाश्वमेध थानाध्यक्ष (Varanasi) संतोष कुमार सिंह के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि शाहिद जमाल मुगलसराय का रहने वाला है और उसका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। वह भोजन की तलाश में अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचा था।

