पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिव्या मित्तल को सपा में शामिल होने का ऑफर देते हुए कहा, “अब उन्हें तय करना पड़ेगा, हरा और लाल गमछा डाल लें।”
पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर को सोशल मीडिया पर साझा किए गए करीब नौ मिनट के वीडियो में राजनीति में आने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी, लेकिन किसी राजनीतिक दल से जुड़ने के बजाय लोगों के साथ मिलकर काम करेंगी।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
बुधवार को सपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव से दिव्या मित्तल के राजनीति में आने को लेकर सवाल पूछा गया। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अब दिव्या मित्तल को तय करना होगा और “हरा और लाल गमछा डाल लें।” उनका यह बयान सपा की ओर से उन्हें पार्टी में शामिल होने के प्रस्ताव के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, अभी तक दिव्या मित्तल की ओर से सपा में शामिल होने की घोषणा नहीं की गई है। उनके हालिया सार्वजनिक बयान के मुताबिक वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल से जुड़ने के बजाय नागरिकों के साथ स्वतंत्र राजनीतिक मंच बनाने की बात कह रही हैं।
IAS छोड़कर राजनीति में आईं दिव्या मित्तल
2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा दिया था। वह संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं।
29 सितंबर को जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य उन लोगों की आवाज उठाना है, जिनकी समस्याएं सरकारी व्यवस्था तक पहुंचने के बावजूद कई बार अनसुनी रह जाती हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी ‘कर्मभूमि’ बताते हुए यहीं से राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही।
कांग्रेस और ओपी राजभर भी दे चुके हैं बयान
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी उनके बारे में बयान दे चुके हैं।
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ओम प्रकाश राजभर ने दिव्या मित्तल के संभावित राजनीतिक प्रवेश को लेकर कहा था कि IAS बनना आसान है, लेकिन विधायक बनना मुश्किल, क्योंकि राजनीति में लोगों के बीच जाकर काम करना पड़ता है। वहीं, दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के ऐलान के बाद फिलहाल तस्वीर यही है कि उन्होंने किसी राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय स्वतंत्र रूप से राजनीति में काम करने की बात कही है।
