Varanasi: भूमि अधिग्रहण, टोल वसूली और अधूरी सड़क निर्माण के विरोध में बुधवार को किसानों का आक्रोश ढेरही टोल प्लाजा पर फूट पड़ा। किसान नेता अजीत सिंह की अगुवाई में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बसों से सवार होकर सैकड़ों किसान दोपहर करीब एक बजे वाराणसी-आजमगढ़ हाईवे स्थित ढेरही टोल प्लाजा पहुंचे। हाथों में तिरंगा लेकर किसानों ने टोल वसूली के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब किसान नेता अजीत सिंह ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल पकड़ लिया और पुलिस वाहन में बैठा दिया।
पुलिस द्वारा अजीत सिंह को मौके से ले जाने का प्रयास किया गया तो किसानों ने पुलिस वाहन को चारों ओर से घेर लिया। इस दौरान किसान नेताओं और पुलिसकर्मियों (Varanasi) के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने किसानों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की कार्रवाई में करीब दो से तीन किसान घायल हो गए। इनमें एक किसान के सिर में गंभीर चोट लगने से वह लहूलुहान हो गया।
Varanasi: लाठीचार्ज के बाद पथराव, मची भगदड़
लाठीचार्ज से नाराज किसानों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए किसानों को चारों ओर से घेर लिया और उन्हें पीछे हटाने के लिए लाठियां बरसाईं। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके (Varanasi) पर भगदड़ मच गई। कई किसान हाईवे (Varanasi) की ओर भागने लगे। इसी दौरान सामने से आ रही एक कार की चपेट में आने से दो किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनाव और बढ़ गया।
आक्रोशित किसानों ने इसके बाद हाईवे पर ही धरना शुरू कर दिया और मार्ग जाम कर दिया। खबर लिखे जाने तक वाराणसी-आजमगढ़ हाईवे (Varanasi) पर करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ था। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे।
आसपास के गांवों से भी पहुंच रहे किसान
प्रदर्शन के ऐलान के बाद आसपास के गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में किसान ढेरही टोल प्लाजा की ओर रवाना हो गए। किसानों की भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के कई चौराहों पर बैरिकेडिंग कर दी है। टोल प्लाजा और आसपास के क्षेत्र (Varanasi) में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं। करीब डेढ़ घंटे से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन ने किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पहले ही इलाके में धारा 144 लागू कर दी थी। बुधवार सुबह से ही टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस की ओर से किसानों को धरना-प्रदर्शन नहीं करने की अपील की जा रही थी, लेकिन दोपहर में बड़ी संख्या में किसान टोल प्लाजा पहुंच गए।
किसानों की तीन प्रमुख मांगें
किसानों का कहना है कि ढेरही टोल प्लाजा को लेकर लंबे समय से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। किसानों की प्रमुख मांग है कि टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर (Varanasi) के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों से टोल शुल्क नहीं लिया जाए। इसके साथ ही किसान टोल प्लाजा को यहां से हटाने की मांग कर रहे हैं। किसानों का दावा है कि टोल प्लाजा मूल रूप से जौनपुर में होना था, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इसे वर्तमान स्थान पर संचालित किया जा रहा है।
किसानों की तीसरी प्रमुख मांग दानगंज क्षेत्र में करीब 17 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा कराने की है। किसानों का आरोप है कि सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, इसके बावजूद टोल वसूली की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर किसान लंबे समय से विरोध जता रहे हैं।
टोल संचालक ने कहा- 40 किलोमीटर पर ही हो रही वसूली
वहीं, टोल संचालक मनीष पाठक ने किसानों के आरोपों पर कहा कि पूरा सड़क खंड 60 किलोमीटर का है, लेकिन वर्तमान में केवल 40 किलोमीटर हिस्से पर ही टोल वसूला जा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 16 किलोमीटर (Varanasi) का पैच अभी तैयार नहीं हुआ है, इसलिए सरकार की ओर से पहले ही उस हिस्से को टोल गणना से बाहर रखते हुए शुल्क कम निर्धारित किया गया है।
मनीष पाठक के अनुसार, 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्थानीय लोगों से सामान्य टोल शुल्क नहीं लिया जाता है। स्थानीय लोगों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की गाइडलाइन के अनुसार 360 रुपये में मासिक पास जारी किया जाता है।
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फिलहाल किसानों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और हाईवे जाम के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, आसपास के क्षेत्रों से किसानों के लगातार पहुंचने के कारण पुलिस के सामने भीड़ को नियंत्रित करने की चुनौती बनी हुई है।

