Varanasi: शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन धर्मनगरी काशी में मां चंद्रघंटा के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना कर देश, समाज और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। नवरात्र के अवसर पर मंदिर में माता का आकर्षक श्रृंगार किया गया था। सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। माता के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा का स्वरूप शांति, शक्ति और साहस का प्रतीक है।

दुष्ट शक्तियों का संहार
माता के मस्तक पर विराजमान अर्धचंद्र और घंटे की ध्वनि उनके दिव्य स्वरूप का संदेश देते हैं। चंद्रमा शांति का प्रतीक माना जाता है, जबकि घंटे का नाद नकारात्मक शक्तियों के विनाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। मान्यता है कि देवी ने असुरों के साथ युद्ध के दौरान घंटे के नाद से दुष्ट शक्तियों का संहार किया था।

Varanasi:देश की उन्नति के लिए प्रार्थना की
माता के दर्शन करने पहुंचे (Varanasi) श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली, समाज में सद्भाव और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना की। भक्तों में माता के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।मंदिर के पुजारी ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार मां चंद्रघंटा की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहती है।

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माता अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और उन्हें सुख-शांति प्रदान करती हैं। (Varanasi) नवरात्र के दौरान माता के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ मां की आराधना कर रहे हैं।

