UP: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान संपन्न होने के बाद भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव में धांधली और वोट चोरी के आरोप लगाए, तो भाजपा ने पलटवार करते हुए उन्हें मतदाता सूची तैयार होने के दौरान अपनी भूमिका पर सवालों का जवाब देने की चुनौती दी।
भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मतदाता सूची तैयार की जा रही थी, तब अखिलेश यादव और उनके बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की भूमिका क्या थी? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या सपा प्रमुख साढ़े चार साल तक कुंभकरण की तरह सोते रहेंगे और चुनाव के समय ही जागेंगे?
UP: ‘अखिलेश बाबू, हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना बंद करें’
लखनऊ (UP) में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता जागरूक है और जाति-धर्म के आधार पर लोगों को बांटकर चुनाव नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव स्नातकों, शिक्षकों और प्रबुद्ध वर्ग के मतदाताओं से जुड़े होते हैं। ऐसे में अखिलेश यादव को अपनी हार का ठीकरा दूसरों पर नहीं फोड़ना चाहिए।
दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इस बार भी सपा (UP) को हार का सामना करना पड़ेगा। उनके ये बयान चुनाव में धांधली के सपा के आरोपों के जवाब में आए हैं।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर लगाया ‘वोट चोरी’ का आरोप
इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इटावा में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को वोट चोरी की कला सिखाने के लिए एक विश्वविद्यालय खोलना चाहिए और अपने कार्यकर्ताओं के लिए कम से कम तीन साल का पाठ्यक्रम चलाना चाहिए।
अखिलेश ने कहा कि चोरी के जरिए लोकतंत्र को मजबूत नहीं किया जा सकता। उन्होंने भाजपा से अपना तरीका सुधारने की बात कहते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और उसके कार्यकर्ता (UP) लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम करते रहेंगे।
आगरा, फतेहपुर और गोरखपुर का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार और चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने का दावा करते हैं, लेकिन कई क्षेत्रों से शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने आगरा, फतेहपुर और गोरखपुर सहित कई जिलों का जिक्र किया।
सपा प्रमुख ने जौनपुर (UP) में भी भाजपा समर्थकों पर सपा मतदाताओं को परेशान करने के आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों और भाजपा के जवाब के बीच चुनाव में धांधली या वोट चोरी के दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित शिकायतों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही की जा सकती है।
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद (UP) की 11 सीटों के लिए मतदान पूरा होने के बाद अब राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां सपा ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।
