प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शुक्रवार को विधान परिषद की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन (MLC) क्षेत्रों के लिए मतदान सुबह आठ बजे शुरू हो गया। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। रवींद्रपुरी स्थित गोपी राधा बालिका विद्यालय में भी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंच रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से मतदान केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार बूथों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया का जायजा ले रहे हैं।

वाराणसी जिले में दोनों निर्वाचन क्षेत्रों (MLC) को मिलाकर कुल 74,840 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 66,952 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 7,888 मतदाता शामिल हैं। इन मतदाताओं के लिए जिले में 21 मतदान केंद्रों पर कुल 102 बूथ बनाए गए हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 73 मूल बूथ और आठ सहायक बूथ शामिल हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 21 बूथ निर्धारित किए गए हैं। मतदान शाम चार बजे तक कराया जाएगा।

MLC: सपा के कब्जे वाली दोनों सीटों पर भाजपा की नजर
वाराणसी खंड की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों (MLC) की दोनों सीटों पर इस बार राजनीतिक मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2020 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा के सामने सपा से दोनों सीटें हासिल करने की चुनौती है, जबकि सपा अपने मौजूदा प्रतिनिधियों के सहारे जीत दोहराने की कोशिश में है। दोनों सीटों को मिलाकर कुल 34 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से 24 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 10 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
स्नातक सीट पर केदारनाथ सिंह और आशुतोष सिन्हा के बीच मुकाबला
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में (MLC) भाजपा ने अपने पुराने प्रत्याशी केदारनाथ सिंह पर दोबारा भरोसा जताया है, जबकि सपा ने मौजूदा एमएलसी आशुतोष सिन्हा को फिर से मैदान में उतारा है। वर्ष 2020 के चुनाव में आशुतोष सिन्हा ने केदारनाथ सिंह को 3,850 मतों के अंतर से हराया था। इस बार भाजपा पिछली हार के बाद सीट (MLC) हासिल करने की कोशिश में है, वहीं सपा अपनी जीत बरकरार रखना चाहती है।

शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव के सामने डॉ. प्रमोद मिश्रा
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा ने मौजूदा एमएलसी लाल बिहारी यादव को दोबारा प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने उनके मुकाबले डॉ. प्रमोद मिश्रा को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा ने अपना आधिकारिक प्रत्याशी नहीं उतारा था और निर्दलीय चेतनारायण सिंह को समर्थन दिया था। इस बार भाजपा ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है। ऐसे में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव भी दोनों दलों के लिए अहम है।
शिक्षकों की समस्याओं को लेकर मतदान करने पहुंचे अरुण पांडे
रवींद्रपुरी स्थित गोपी राधा बालिका विद्यालय में मतदान करने पहुंचे निजी विद्यालय के शिक्षक अरुण पांडे ने शिक्षकों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार (MLC) की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और समाज में उन्हें अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा है।

अरुण पांडे ने कहा, “मैं एक निजी विद्यालय में शिक्षक हूं। शिक्षकों को काफी तकलीफ है। इसी को ध्यान में रखकर हम मतदान करने आए हैं। शिक्षक परिवार से ज्यादा कोई परेशान नहीं है। लोग शिक्षकों को महत्व देना कम कर दिए हैं। जिस देश का शिक्षक कमजोर रहेगा, उसका विकास कैसे होगा।”
उन्होंने कहा कि शिक्षक का विकास सबसे पहले होना चाहिए, ताकि वह तनावमुक्त होकर ज्ञान का विस्तार और प्रवाह कर सके। जब शिक्षक मानसिक रूप से परेशान रहेगा, तो वह पूरी क्षमता के साथ बच्चों को शिक्षा (MLC) कैसे दे पाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव के बाद शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा।

अरुण पांडे के अनुसार, शिक्षकों को बेहतर परिस्थितियां और सम्मान मिलने से वे नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा दे सकेंगे। बच्चों का भविष्य संवारने के लिए शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना जरूरी है। वह इसी उम्मीद के साथ मतदान करने पहुंचे हैं कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
आठ जिलों में फैला है निर्वाचन क्षेत्र
वाराणसी खंड के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों (MLC) में वाराणसी के अलावा चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया जिले शामिल हैं। चुनाव में भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक प्रतिष्ठा का मुकाबला होने के साथ ही मतदाताओं की निगाहें शिक्षा और शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर भी टिकी हैं।

मतदान संपन्न होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित रखा जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना 27 अक्टूबर को वाराणसी के पहड़िया मंडी परिसर में प्रस्तावित है। मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं ने किस प्रत्याशी के पक्ष में अपना समर्थन जताया है।
ये भी पढ़ें:- तमाम प्रतिबंधों के बावजूद गंगा में दौड़ती रहीं नावें
फिलहाल मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने के लिए निगरानी की जा रही है।

