UP में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शामली के कैराना में जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने सपा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने और मुस्लिम नेताओं को पर्याप्त राजनीतिक अवसर नहीं देने का आरोप लगाया।
ओवैसी ने बदायूं और फिरोजाबाद (UP) की लोकसभा सीटों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले इन सीटों से मुस्लिम सांसद चुने जाते थे, लेकिन अब वहां यादव परिवार के सदस्य प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय से हर चुनाव में सपा के लिए समर्थन मांगा जाता है, लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी देने के सवाल पर उसे पीछे रखा जाता है।
‘हमने दरी बिछाकर इनके सियासी महल मजबूत किए’
ओवैसी ने अपने भाषण में सपा पर मुस्लिम समुदाय के समर्थन का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय की कई पीढ़ियों ने सपा का साथ दिया, लेकिन उन्हें अपेक्षित राजनीतिक नेतृत्व और प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
मुजफ्फरनगर दंगों का उल्लेख करते हुए ओवैसी ने तत्कालीन सपा सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की हिंसा के दौरान बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए और कई परिवार प्रभावित हुए। ओवैसी ने सवाल उठाया कि उस समय सत्ता में रही सपा सरकार मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने में क्यों विफल रही।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को केवल चुनावी समर्थन देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे अपना नेतृत्व विकसित करना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समाज से विधायक और जनप्रतिनिधि (UP) चुने जाने चाहिए, ताकि वे विधानसभा में गरीबों और वंचितों से जुड़े मुद्दे उठा सकें।
कैराना से इंजीनियर इरफान को उम्मीदवार बनाने के संकेत
कैराना की जनसभा में ओवैसी ने स्थानीय मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने क्षेत्र में अस्पतालों की कमी, स्ट्रीट लाइट, जल जीवन मिशन और गन्ना किसानों के बकाया भुगतान जैसे विषयों पर चर्चा की।
उन्होंने एआईएमआईएम की ओर से इंजीनियर इरफान को कैराना विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की इच्छा भी जाहिर की। हालांकि, उम्मीदवार की अंतिम घोषणा और चुनावी कार्यक्रम (UP) की पुष्टि पार्टी के आधिकारिक बयान से की जानी चाहिए।
ओवैसी ने बिहार चुनाव और सीमांचल की राजनीति का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक दलों को अधिक गंभीरता से उठाना चाहिए।
भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन के लिए तैयार: ओवैसी
जनसभा (UP) में ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के साझा उद्देश्य के साथ दूसरे विपक्षी दलों से हाथ मिलाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि वह योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनते नहीं देखना चाहते।
ओवैसी ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे अल्पसंख्यकों और समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त आवाज नहीं उठाते। उन्होंने प्रदेश में मस्जिदों को गिराए जाने और कथित ‘हाफ एनकाउंटर’ की घटनाओं का भी जिक्र किया। ये आरोप ओवैसी के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं; इनकी पुष्टि संबंधित मामलों के तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर की जानी चाहिए।
UP की राजनीति में मुस्लिम प्रतिनिधित्व बना बहस का मुद्दा
ओवैसी के इस बयान से उत्तर प्रदेश में मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व, परिवारवाद और विपक्षी एकजुटता जैसे मुद्दे फिर चर्चा में आ गए हैं। जहां एआईएमआईएम मुस्लिम समुदाय को स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व देने की बात कर रही है, वहीं सपा की भूमिका और उसके राजनीतिक इतिहास को लेकर ओवैसी ने सवाल उठाए हैं।
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आगामी विधानसभा चुनाव (UP) में एआईएमआईएम किन सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और विपक्षी दलों के बीच गठबंधन को लेकर क्या स्थिति बनेगी, यह पार्टी की आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होगा।
