उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे पहाड़िया मंडी में मतगणना शुरू हो गई। दोनों सीटों पर कुल 34 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें स्नातक सीट से 24 और शिक्षक सीट से 10 उम्मीदवार शामिल हैं। बैलेट पेपर से मतगणना होने के कारण प्रक्रिया में लंबा समय लगने की संभावना है। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगाहें अब चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।
मतगणना के लिए दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के अलग-अलग हॉल बनाए गए हैं। मतपत्रों को 50-50 के बंडलों में व्यवस्थित किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की निगरानी में कराई जा रही है।
मतगणना से पहले सपा समर्थकों ने लगाए आरोप
मतगणना से पहले रविवार और सोमवार की रात पहाड़िया मंडी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। समाजवादी पार्टी के समर्थकों (MLC) ने आरोप लगाया कि कुछ समय के लिए CCTV कैमरे बंद हुए और बार-बार बिजली काटी गई। सपा समर्थकों ने इसे चुनाव में गड़बड़ी की आशंका से जोड़ते हुए विरोध जताया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मतगणना के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
स्ट्रांग रूम से निकाली गईं मतपेटियां
मतदान के बाद आठ जिलों की मतपेटियों को पहाड़िया मंडी स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया था। मंगलवार सुबह निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में इन्हें बाहर निकाला गया और मतपत्रों की गिनती शुरू हुई। मतगणना केंद्र में केवल पासधारक अधिकृत अधिकारियों, प्रत्याशियों और काउंटिंग एजेंटों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।
मतगणना स्थल (MLC) पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। निर्वाचन पर्यवेक्षक एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रांजल यादव भी मतगणना स्थल पहुंचे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
2,500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, तीन स्तरों पर घेरा
मतगणना स्थल की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय घेरा बनाया गया है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में आइसोलेशन कॉर्डन, इनर कॉर्डन और आउटर कॉर्डन शामिल हैं। हर स्तर पर प्रवेश और आवाजाही की निगरानी की जा रही है।
प्रवेश द्वारों पर जांच के बाद ही अधिकृत लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा है। DFMD यानी डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से भी जांच की व्यवस्था है। सुरक्षा में पुलिस, पीएसी और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के जवान लगाए गए हैं। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए पीएसी के 27 जवानों की तैनाती की गई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मतगणना स्थल पर करीब 2,500 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
स्नातक सीट पर 41.11%, शिक्षक सीट पर 69.87% मतदान
वाराणसी खंड निर्वाचन क्षेत्र (MLC) में वाराणसी के अलावा चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया जिले शामिल हैं। चुनाव में दोनों सीटों पर मतदान प्रतिशत अलग-अलग रहा।
- स्नातक सीट: 2,88,533 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,18,611 ने मतदान किया। मतदान प्रतिशत 41.11% रहा।
- शिक्षक सीट: 34,900 पंजीकृत मतदाताओं में से 24,384 ने वोट डाले। मतदान प्रतिशत 69.87% दर्ज किया गया।
स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा और केदारनाथ सिंह के बीच मुकाबला
वाराणसी खंड स्नातक सीट पर समाजवादी पार्टी के मौजूदा एमएलसी आशुतोष सिन्हा और भाजपा के केदारनाथ सिंह के बीच मुकाबला है। आशुतोष सिन्हा (MLC) इससे पहले लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं। वर्ष 2020 के चुनाव में उन्हें 26,335 वोट मिले थे, जबकि केदारनाथ सिंह को 22,685 मत प्राप्त हुए थे। भाजपा ने इस बार भी केदारनाथ सिंह पर भरोसा जताया है।
शिक्षक निर्वाचन सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव और भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा के बीच मुकाबला है। दोनों सीटों के नतीजों से प्रत्याशियों की राजनीतिक स्थिति और क्षेत्र में दलों के प्रभाव का आकलन किया जाएगा।
MLC: परिणाम आने में लग सकता है समय
बैलेट पेपर से मतगणना और निर्धारित प्रक्रिया के चलते नतीजे आने में समय लग सकता है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक, मतगणना पूरी होने में अभी वक्त लगेगा। शिक्षक सीट का परिणाम देर शाम तक आने की संभावना जताई गई है, हालांकि अंतिम समय मतगणना (MLC) की प्रगति पर निर्भर करेगा।
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फिलहाल, पहाड़िया मंडी में मतपत्रों की गिनती जारी है। प्रशासन का जोर शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से मतगणना पूरी कराने पर है।

