CEC मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों को लेकर मंगलवार 27 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई होने जा रही है। CJI सूर्यकांत की बेंच लगभग 3 दर्जन याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगी।आपको बतादें कि याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि CEC ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति के बिना कई अहम फैसले लिए।
दरअसल,याचिकाकर्ताओं ने मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 में बदलाव और महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्यों में लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि नाम हटाने की प्रक्रिया में जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया। जो संविधान का उलंघन हैं।
CEC: इन दो बड़े मुद्दों पर सवाल उठाए
- पहला मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की प्रक्रिया पर। आरोप है कि CEC ज्ञानेश कुमार ने दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना ही SIR पर अकेले फैसले लिए।
- दूसरा बड़ा मुद्दा है CEC चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून की वैधता पर। याचिकाकर्ताओं ने SIR पर रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर आरोपों को खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026 में SIR को लेकर जारी तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए थे। कोई भी फैसला अकेले नहीं लिया गया।
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सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट किया था कि वो सिर्फ अखबार की रिपोर्ट के आधार पर CEC को सस्पेंड करने जैसा कोई अंतरिम आदेश नहीं देगा। आज की सुनवाई से तय होगा कि SIR की प्रक्रिया जारी रहेगी या इस पर रोक लगेगी।

