काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT BHU) ने वैश्विक शैक्षणिक मंच पर एक और उपलब्धि हासिल की है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एशिया रैंकिंग में संस्थान ने 18 पायदान की छलांग लगाकर 219वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले वर्ष आईआईटी बीएचयू 237वें स्थान पर था।
दक्षिण एशिया की क्यूएस रैंकिंग में भी संस्थान का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। यहां 11 स्थान ऊपर चढ़कर IIT BHU ने 38वां स्थान हासिल किया है, जबकि पिछले साल वह 49वें पायदान पर था।
1722 संस्थानों में शामिल हुए 325 भारतीय संस्थान
क्यूएस की ओर से जारी एशिया रैंकिंग में कुल 1722 उच्च शिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया है। इनमें भारत के 325 संस्थान हैं। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच IIT BHU ने अपनी रैंकिंग में सुधार कर शैक्षणिक और शोध के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति का परिचय दिया है।
IIT BHU: शोध और अकादमिक प्रतिष्ठा में भी सुधार
संस्थान रैंकिंग समिति के उपाध्यक्ष प्रो. विकास कुमार दुबे के अनुसार, प्रति संकाय शोध पत्र के मानक पर IIT BHU ने तीन स्थान का सुधार करते हुए 18वां स्थान हासिल किया है। वहीं, नियोक्ता प्रतिष्ठा के क्षेत्र में संस्थान ने 50 पायदान की छलांग लगाकर 163वां स्थान प्राप्त किया।
अकादमिक प्रतिष्ठा के मानक पर भी संस्थान की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस श्रेणी में IIT BHU 57 स्थान ऊपर चढ़कर 234वें पायदान पर पहुंच गया है।
नवाचार और उच्च प्रभाव वाले शोध पर जोर
संस्थान रैंकिंग समिति के अध्यक्ष एवं निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि एशिया और भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों की बढ़ती भागीदारी के बीच IIT BHU ने अपनी स्थिति और मजबूत की है। संस्थान नवाचार, उच्च प्रभाव वाले शोध और वैश्विक उद्योग जगत के साथ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि रैंकिंग में हुआ सुधार शोध क्षमताओं को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय व औद्योगिक साझेदारियों का विस्तार करने की दिशा में संस्थान के प्रयासों को दर्शाता है।
