लखनऊ। रेलवे स्टेशनों एवं परिसर में खोये हुए बच्चों को ढूंढकर उनको सकुशल उनके परिजनों एवं अभिभावकों को सौंपने की दिशा में उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के रेलवे सुरक्षा बल द्वारा अथक प्रयास किये जाते हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रेल संपत्ति, यात्रियों और उससे संबंधित मामलों की सुरक्षा के दायित्व का निर्वहन करती है। रेल सुरक्षा बल की उपलब्धियों के अंतर्गत अपने दायित्वों के निर्वहन के क्रम में जरूरतमंद यात्रियों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ देखभाल और सुरक्षा की जरूरत वाली महिलाओं और बच्चों का बचाव का कार्य भी भली-भांति किया जा रहा है। मेन इन यूनिफॉर्म होने के नाते रेल सुरक्षा बल कर्मी अन्य लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते हैं। उल्लखेनीय है कि आॅपरेशन नन्हें फरिश्ते के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में माह अप्रैल से मार्च तक मंडल के विभिन्न स्टेशनों व गाड़ियों में संदिग्ध एवं अकेले मिले 250 बच्चों (131 लड़के एवं 119 लड़की), 247 बच्चो को चाइल्ड लाइन को एवं 3 को राजकीय रेलवे पुलिस को सुरक्षित रूप से सुपुर्द किया गया। इसी क्रम में 25 अप्रैल को आॅन ड्यूटी रेल सुरक्षा बल को वाराणसी स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-2 पर ओल्ड के नीचे से दो बच्चियां निशा (काल्पनिक नाम ) पुत्री मुंशी राज उम्र 17 वर्ष निवासी जिला उन्नाव, पूजा (काल्पनिक नाम ) पुत्री इंदल राजवंशी उम्र 16 वर्ष निवासी जिला कानपुर नगर घूमते हुए मिली, बाद उक्त बच्चियों को अग्रिम कार्यवाही के लिए गुड़िया रेलवे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया।
sudha jaiswal