यात्रियों के ठहरने, पेयजल, शौचालय की उत्तम सुविधा बस अड्डों पर सुलभ रहे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने परिवहन निगम की बसों में आग लगने एवं उनके दुर्घटनाग्रस्त होने को गम्भीरता से लिया है। उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बसों का संचालन पूर्णत: जांच-पड़ताल के पश्चात ही हो जिससे कि लोगों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि बस डिपो में कार्यरत मैकेनिकों से बस में लगे सभी उपकरणों की भलीभांति जांच की जाय और तय फिटनेस मानक पूर्ण करने पर ही बसों को आॅन रोड किया जाय।
परिवहन मंत्री ने निर्देश दिये हैं कि बसों को कार्यशाला से बाहर करते समय आरएम, एसएम, एआरएम किसी एक की उपस्थिति होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बसों को तकनीकी रूप से ठीक एवं साफ-सुथरी करके ही मार्ग पर भेजा जाय, जिससे कि यात्रियों को एक सुखद, आरामदायक यात्रा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि गोरखपुर क्षेत्र में घटित घटना की पुनरावृत्ति न हो अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आग लगने एवं दुर्घटना होने की घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर सम्बंधित अधिकारी व कर्मचारी की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होने कहा कि ग्रीष्म ऋतु में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। ग्रीष्मकाल में शार्ट-सर्किट की घटनाएं ज्यादा होती हैं। कार्यशाला प्रबंधक इस सम्बंध में सभी आवश्यक कदम उठाते हुए ही बसों को डिपो से आॅन रोड भेजें साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि बस स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने की व्यवस्था उत्तम हो। बैठने वाले जगह पर पंखे, शौचालय के साथ ही पेयजल की व्यवस्था दुरूस्त रखा जाय जिससे कि यात्रियों को यात्रा के दौरान या बसों के रवाना होने से पहले किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। परिवहन मंत्री ने बस अड्डों पर एवं बसों में साफ-सफाई के विशेष ध्यान दिये जाने के भी निर्देश दिये है।
sudha jaiswal

