Shivling Worship: काशी में पहली बार एक करोड़ से ज्यादा शिवलिंग पूजन का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच काशी में इसे लेकर वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनने जा रहा है। गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम पिछले दिनों वाराणसी में मौजूद थी।
वाराणसी के शिवाला घाट के चेतसिंह के किले में 9 दिवसीय अनुष्ठान में एक करोड़ एक लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन का रिकॉर्ड बना है। एक करोड़ एक लाख पार्थिव शिवलिंग बनाने, द्वादश ज्योतिर्लिंग और स्थानीय शिवलिंग पूजन का देश में पहला महाआयोजन बना है। गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के सीईओ पवन सोलंकी ने पार्थिव शिवलिंगों (Shivling) के संख्या की जांच की। इस दौरान उन्होंने इस महाआयोजन को गिनीज बुक में शामिल करने की घोषणा की।
गौरतलब है कि काशी में प्रतिवर्ष सवा लाख पार्थिव शिवलिंग (Shivling) का अर्चन होता है। लेकिन काशी में पहली बार एक करोड़ से ज्यादा पार्थिव शिवलिंगार्चन किया गया। विजयानंदनाध गुरू सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट (तेलंगाना) के बैनर तले महानुष्ठान में दक्षिण भारत से आए 500 वैदिक ब्राहमण और विद्वान शामिल हुए हैं। कांची पीठ के शंकराचार्य जगतगुरु सरस्वती स्वामी, 9 पीठाधीश्वर के निर्देशन में लगभग 20 हजार श्रद्धालु साक्षी बने।
गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने रविवार को पार्थिव शिवलिंगों की गणना की। 19 से 27 नवंबर तक एक करोड़ एक लाख की संख्या में शिवलिंग की पूजा, अभिषेक के फोटो व वीडियोज देखे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परम्परा और विधान भी जाना। इसके बाद वर्ल्ड रिकार्ड्स ऑफ़ इंडिया के पवन सोलंकी ने श्री विजयानंदनाध गुरू सेवा समिति के अध्यक्ष टी रामचंद्र साई को मेडल और वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट दिया।

Shivling Worship: सात वर्ष पहले उज्जैन में बना था यह रिकॉर्ड
बता दें कि इससे पहले यह विश्व रिकॉर्ड उज्जैन में वर्ष 2016 में सिंहस्थ कुंभ में बनाया गया था। यह रिकॉर्ड 4 मई रिकॉर्ड 2016 को एक दिन में कायम किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक संख्या में पार्थिव शिवलिंग बनाने का विश्व रिकॉर्ड पं० देव प्रभाकर शास्त्री (दद्दा जी) मध्य प्रदेश व शिष्यों ने एक दिन में अड़सठ करोड़ आठ सौ हजार (68800000) पार्थिव शिवलिंग बनाए जो ऐतिहासिक है।
विजयानंदनाध गुरु सेवा समिति के अध्यक्ष रामचंद्र साईं व डॉ० वेंकट के गंजम ने बताया कि एक करोड़ पार्थिव शिवलिंग (Shivling) को हैदराबाद की पांच हजार महिलाओं और पांच हजार अन्य शिष्यों ने देश भर के 58 केंद्रों पर तैयार किया है। 10 हजार लोगों की टीम ने पांच महीने में इस काम को पूरा किया। मिट्टी, गाय का गोबर, गोमूत्र और गंगाजल से बनाए गए हैं। हैदराबाद में बनाकर इन्हें विशेष वाहनों से वाराणसी लगाया गया है।
इस आयोजन को पूर्ण करने के लिए लगभग 5 महीने के अथक प्रयास के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में एक करोड़ पार्थिव शिवलिंग को निर्मित करके काशी लाया गया है। शिव अर्चना के साथ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होना एक बड़ी उपलब्धि है।

