Varanasi: पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बाद मैदानी क्षेत्रों में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में गंगा के जलस्तर में 48 घंटे में 80 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है।
केंद्रीय जल आयोग के जेई के अनुसार गंगा का जलस्तर डैम के खुलने से बहुत हल्का सा बढ़ा था लेकिन बारिश की वजह से लगातार यह बढ़ता जा रहा है और पिछले 24 घंटे में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। दोपहर 1 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 58.22 मीटर रिकार्ड किया गया था।
केंद्रीय जल आयोग के जेई जितेंद्र कुमार ने बताया कि ‘जलस्तर गंगा का लेवल बारिश की वजह से बढ़ रहा है। गंगा की राइजिंग स्पीड एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा है। 24 घंटे की बात करें तो वाराणसी में 4 जुलाई सुबह 8 बजे से लेकर 5 जुलाई की सुबह गंगा का जलस्तर 36 सेंटीमीटर बढ़ा था। 4 जुलाई की सुबह गंगा का जलस्तर 57.81 मीटर था जो 5 जुलाई की सुबह बढ़कर 58.17 मीटर रिकार्ड किया गया है।
Varanasi: बारिश के कारण बढ़ रहा गंगा का पानी
जितेंद्र कुमार न बताया कि वाराणसी में केंद्रीय जल आयोग की टीम बढ़ते हुए जलस्तर पर नजर जमाए हुए है और प्रतिघंटा गंगा के जलस्तर को रिकार्ड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा जल किसी डैम के पानी के खुलने से इतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा है। यह जल बढ़ाव पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश की वजह से है। गंगा का जलस्तर आगे भी बढ़ता रहेगा।
वाराणसी में गंगा का वार्निंग लेवल 70.262 मीटर और डेंजर लेवल 71.262 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार साल 1978 में काशी में सबसे भयानक बाढ़ आयी थी। तब पानी का लेवल 9 सितंबर को 73.901 मीटर तक पहुंचा था और वाराणसी के गोदौलिया से लक्सा तक नाव चल रही थी।

