Varanasi: कासगंज की महिला वकील की हत्या और संदिग्ध हालात में शव मिलने से वाराणसी के वकीलों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यूपी बार काउंसिल के निर्देश पर शुक्रवार को वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए इस जघन्य घटना के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
वकीलों ने कचहरी से लेकर प्रमुख चौराहों तक विरोध मार्च निकाला और अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले का समाधान नहीं हुआ, तो वे सीजेएम कार्यालय के सामने दो दिवसीय सत्याग्रह करेंगे। सोमवार को आंदोलन की अगली रणनीति तैयार की जाएगी।

बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह और महामंत्री कमलेश यादव के नेतृत्व में शुक्रवार को वकीलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सबसे पहले, वे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के चैंबर पर एकत्र हुए, जहां कासगंज की घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। इसके बाद, बड़ी संख्या में महिला वकीलों के साथ कचहरी गेट नंबर 2 से जुलूस की शुरुआत हुई, जो कचहरी चौराहे तक पहुंचकर समाप्त हुआ। वकीलों ने आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

Varanasi: सरकार से अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
यूपी बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष हरि शंकर सिंह ने कहा कि बार काउंसिल ने पूरे उत्तर प्रदेश में मोहिनी तोमर की हत्या के विरोध में न्यायिक कार्य से दूरी बनाए रखी है। उनका सिर कुचलकर की गई यह बर्बर हत्या बेहद दर्दनाक है। कासगंज की यह घटना पश्चिम बंगाल में महिला डॉक्टर की हत्या और बलात्कार के समान है। महिला वकीलों की सुरक्षा के लिए वकील सड़क पर उतरने और व्यापक आंदोलन करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन, बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग करेंगे, ताकि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

