Varanasi: पश्चिमी विक्षोभ के असर से काशी में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए आंधी, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते जहां तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, वहीं आम जनजीवन पर भी इसका असर दिखने लगा है।
रविवार को पूरे दिन आसमान में बादलों का डेरा रहा। बीच-बीच में हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन तपिश में खास बढ़ोतरी नहीं हुई। अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य के करीब रहा। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों (Varanasi) का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
Varanasi: मौसम के बदलाव का साफ़ दिखा असर
मौसम (Varanasi) में आए इस बदलाव का असर गंगा घाटों पर भी साफ दिखा। रविवार दोपहर बाद अचानक हवा की रफ्तार तेज होने पर सुरक्षा के मद्देनजर गंगा में नाव संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। प्रशासन ने घाटों पर मौजूद नाविकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जल पुलिस ने गंगा में गश्त बढ़ा दी है और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष निगरानी रखी जा रही है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (Varanasi) के भू-भौतिकी विभाग के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में बन रही चक्रवाती परिस्थितियों के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वाराणसी समेत आसपास के जिलों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।
मई के महीने में आमतौर पर जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है, वहीं इस बार मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और खुले स्थानों पर शरण लेने से बचने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलती रहेगी, हालांकि तेज हवाओं और आंधी के कारण नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
