Varanasi: समाजवादी पार्टी के पूर्व महानगर महासचिव लालू यादव के नेतृत्व में बुधवार को सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सरकार की जनविरोधी नीतियों और उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराध के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया, जिसमें सपा कार्यकर्ताओं ने नखास से कबीरचौरा अस्पताल की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने उन्हें नखास पर ही रोक दिया।
सपा नेताओं ने कोतवाली थाने के प्रभारी को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए कानून व्यवस्था में सुधार और स्वास्थ्य विभाग में अनियमितताओं को खत्म करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गहमागहमी वाला रहा।
पूर्व महासचिव लालू यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भी दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं, लेकिन अपराधियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार धार्मिक भेदभाव बढ़ा रही है और बीएचयू जैसे संस्थानों में सुरक्षा की स्थिति भी दयनीय है।

Varanasi: स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार का लगया आरोप
लालू यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं पर टिप्पणी करते हुए बताया कि शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल में भ्रष्टाचार चरम पर है। अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण गरीब मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, और डॉक्टर अस्पताल में समय पर उपस्थित नहीं रहते। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इन समस्याओं को अनदेखा किया, तो सपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री का काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
मार्च में सपा के प्रमुख कार्यकर्ता, जैसे भैयालाल यादव, मनोज गुप्ता, कमल पटेल, और संजय प्रदर्शी भी शामिल हुए। मार्च के समापन पर शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल के अधीक्षक को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की गई है।

