वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए जोन-3 के वार्ड चौक में चार भवनों को सील कर दिया। यह कार्रवाई प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग के निर्देशानुसार जोनल अधिकारी सौरभ प्रजापति और अवर अभियंता रविंद्र प्रकाश के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।
इन भवनों पर हुई VDA की कार्रवाई
पहला मामला बादशाह अली (सी.के. 43/164) का है, जहां बिना मानचित्र स्वीकृति के भूतल पर निर्माण कार्य किया जा रहा था। प्राधिकरण (VDA) ने मौके पर पहुंचकर निर्माण रुकवाया और भवन को सील कर दिया।
दूसरा मामला मो. दशहक और इकरार हाशमी (सी.के. 46/07) का है, जिनके मो. भीखाशाह गली स्थित बी+जी+4 भवन में अवैध बेसमेंट निर्माण हो रहा था। यह भवन पहले से ही यूपी नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत विवादित था। प्राधिकरण ने अवैध निर्माण को रोककर भवन को सील कर दिया।
गोपीनाथ केसरी (सी.के. 51/01) का तीसरा भवन, जो बी+जी+2 व्यावसायिक निर्माण था, भी बिना स्वीकृति के बनाया गया था। तृतीय तल पर शटरिंग कार्य जारी था। प्राधिकरण (VDA) ने कार्य रुकवाकर इस भवन को सील कर दिया।
चौथा मामला कीर्ति दूबे (सी.के. 57/10) का है। उनके भवन में बिना मानचित्र स्वीकृति के बी+जी+2 निर्माण पहले ही पूरा हो चुका था और तृतीय तल पर कार्य चल रहा था। प्राधिकरण (VDA) ने इसे भी सील कर दिया।
इस कार्रवाई (VDA) के तहत अवैध निर्माणकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया गया कि बिना अनुमति निर्माण पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।


Comments 1