आगरा। ताज महोत्सव के सातवें दिन गाजियाबाद की एडीएम रितु सुहास ने रैंप वॉक पर जलवा बिखेरा। एडीएम ने एसिड अटैक सर्वाइवर सोनिया चौधरी के साथ बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए रैंप किया। रितु ने साल 2019 में मिसेज इंडिया का खिताब जीता था। बता दें कि वह कई फैशन शो में पहले भी शामिल हुई हैं। फैशन शो में दुबई से डिजाइनर प्रिया वेंसेंट, केरल से आशा एम थॉमस, तमिलनाडु से कविथा सिंधुराज, नॉर्थ कर्नाटक से पियू पोद्दार, नई दिल्ली से हीरल, जिया पांडेय, गोरखपुर से वैशाली सिंह, आगरा से अनुष्का, पंजाब से तनवीर, नेपाल से देवानंद, कोलकाता से सौरभ, राजस्थान से लविश और ग्वालियर से तनिशा,

छत्तीसगढ़ से इंदुमती प्रमुख रूप से शामिल रहीं। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि फैशन शो का आयोजन कला और संस्कृति को बचाए रखने के लिए जरूरी है। ऐसे आयोजनों से हमारी संस्कृति का संरक्षण होता है। कार्यक्रम में यूपी खादी बोर्ड के सीईओ अरुण प्रकाश, रामसकल गुर्जर, पूरन डावर, वर्ल्ड डिजाइनिंग फोरम के सीईओ अंकुश अमानी आदि उपस्थित थे। मजे कि बात यह है कि जेल में बंद कैदियों ने इन पोशाकों को तैयार किया है। बुनकरों ने बताया कि कच्छ में काला कॉटन के लिए रुई की खेती करने से लेकर फैब्रिक बनाने तक के सभी काम बुनकर करते हैं।
वहीं ताज महोत्सव में 150 मॉडल ने रैंप वॉक किए । मुक्ताकाशी मंच पर फैशन के दौरान भारतीय परम्परा, संस्कृति के साथ कन्याकुमारी से लेकर हिमालय तक का फैशन और बुनकरों की कलात्मकता का प्रदर्शन किया गया। वर्ल्ड डिजाइनिंग फोरम के सीईओ अंकुश अमानी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि फैशन शो में परिधानों के फ्रैब्रिक भारत की करीब 5 हजार पुरानी परम्परा है, जो अब लुप्त हो रही है। रितु पीसीएस अफसर हैं। वह फैशन की दुनिया का भी जाना-माना नाम हैं। उन्होंने साल 2019 में मिसेज इंडिया का खिताब भी जीता था। इससे पहली भी वह कई मौकों पर खादी के कपड़ों को प्रमोट करती दिखीं हैं। खादी से बनी ड्रेस में वह कई फैशन शोज में हिस्सा ले चुकी हैं। रितु सुहास के पति सुहास एल वाई असईएएस अफसर हैं। सुहास एलवाई और ऋतु सुहास के दो बच्चे भी हैं।
sudha jaiswal

