Varanasi: बच्चे रो रहे हैं, घर बिखर रहा है, आशियाने उजड़ रहे हैं, मेरा घर जा रह है, बहुत जुल्म हो रहा हैं, बच्चे सब कहां जाएंगे…ये शब्द हैं दालमंडी के उन लोगों की जिनके घर को प्रशासन अवैध घोषित करते हुए उसपर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने को है।


Varanasi: महिलाओं ने घर के बाहर बैठकर दिया धरना
बीते कुछ दिनों पहले VDA ने 12 घरों को अवैध घोषित करते हुए उसके ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस चस्पा किया था। इसके बाद यह कार्यवाही शुरू हुई लेकिन आज जब VDA, नगरनिगम और PWD के अधिकारी (Varanasi) भारी पुलिस बल के साथ दालमंडी पहुंचे तो उन्हें वहां काफी विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध इतना बढ़ गया कि वहां आसपास के लोगों को अपनी दुकानों को बंद करना पड़ा। इसके बाद विरोध को देखते हुए प्रशासन को बिना कार्रवाई किए वापस जाना पड़ा। महिलाओं ने घर के बाहर बैठकर धरना शुरू कर दिया और इस कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए जमकर विरोध किया।


इस दौरान बच्चे रोते-बिलखते नजर आए। सभी लोगों की आंखें नम थी और सबका सिर्फ्र यही कहना रहा कि ये चौड़ीकरण (Varanasi) की कार्रवाई बंद होनी चाहिए। वरना हम कहां जाएंगे। उन्होंने यह तक कह दिया कि अगर ये कार्रवाई करनी है, तो हम खड़े हो जा रहे और आपलोग इसी के नीचे हमें दफ़न कर दीजिए और फिर हमारा माकन हमसे ले लीजिए।


आइये आपको सुनाते हैं कि महिलाओं और बच्चों का क्या है कहना…
इसे लेकर व्यापार मंडल के अध्यक्ष फारूक खान ने बताया कि जब मैंने यह देखा कि यहाँ शहीद के घर पर भारी पुलिस फ़ोर्स (Varanasi) मौजूद है, उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस बिना किसी के सुने उनका सामान फेकने की कोशिश करने लगते हैं। महिला पुलिस ने महिलाओं के साथ बदतमीज़ी की। उन्होंने ने मुख्यमंत्री से यह अपील की है कि किसी तरह इस कार्यवाही पर रोक लगाई जाए और हमारे साथ कोई जोर-जबरदस्ती ना की जाए।
वहीं दालमंडी में रहने वाले मोहम्मद सलीम ने बताया कि में इस मकान का मालिक हूं। आज हमारे यहाँ भरी संख्या में प्रशासन, ADM सिटी और VDA की टीम आती है और हमारे मकान पर नोटिस चस्पा करते है, जिसमें किसी भी अधिकारी का सिग्नेचर तक नही है और हमारे विरोध करने पर उन्होंने ने हमारी बात को स्वीकार तक नहीं किया और हमारे मकान को अवैध घोषित करके चले गए।
मकान में स्थित दुकान के एक व्यापारी का कहना रहा कि जब मैं अपनी दुकान पर था, तभी पुलिस की भारी फ़ोर्स आती है और मकान व दुकान को खाली करनें को बोलते हैं। जब हमने उनसे पूछा कि नोटिस कहा है तो बिना हमारी सुने यहाँ कार्रवाई शुरू कर दी। हमारे साथ जबरदस्ती की ये कहा का न्याय है।

