पीएम मोदी (PM Modi) ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले विपक्षी दलों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ड्रामा करने के लिए बहुत-सी जगहें होती हैं, जिसको करना है करते रहें, लेकिन संसद मे यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नारों के लिए भी पूरा देश पड़ा है।
आपको बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र की आज यानी एक दिसंबर से शुरुआत हो रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष को भी कड़ा संदेश देते हुए कहा की ये शीतकालीन सत्र सिर्फ प्रथा नहीं है।
ये देश को प्रगति की ओर तेज गति से ले जाने के जो प्रयास चल रहे हैं, उसमें ऊर्जा भरने का काम यह शीतकालीन सत्र करेगा, ऐसा मेरा विश्वास है। भारत ने लोकतंत्र को जिया है, लोकतंत्र के उमंग और उत्साह को समय-समय पर ऐसे प्रकट किया है।
ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए’
पीएम मोदी ने (PM Modi) आगे कहा काफी समय से मझे यह चिंता रही है कि सदन में जो पहली बार चुन कर आए हैं या जो छोटी उम्र के हैं वह सभी दलों के संसद बहुत परेशान हैं, उन्हें अपने सामर्थ्य का परिचय कराने का अवसर नहीं मिल रहा है। अपने क्षेत्र की समस्या बताने का अवसर नहीं मिल रहा है।
नए पीढ़ी को अवसर देना चाहिए
इस दौरान पीएम मोदी (PM Modi) ने इस बात पर भी जोर दिया कि राष्ट्र की विकास यात्रा में वे अपने कुछ विचार बताना चाह रहे हैं, उसपर भी रोक लगा दी जा रही है। ऐसे में कोई भी दल हो, हमें अपने नई पीढ़ी के सांसदों को अवसर देने चाहिए।
सदन में ड्रामा नहीं डीलीवरी चाहिए
दरअसल, पीएम मोदी (PM Modi) ने विपक्षी दलों को संदेश देते हुए सख्त अंदाज में कहा कि ड्रामा करने के लिए बहुत-सी जगहें होती हैं, जिसको करना है करते रहें, लेकिन यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नारों के लिए भी पूरा देश पड़ा है। लेकिन यहां तो नारे नहीं, नीति पर बल देना चाहिए। वो आपकी नीयत होनी चाहिए।
जीएसटी रिफॉर्म्स पर भी बोले पीएम
इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि हमारे नए सभापति आज से उच्च सदन का मार्गदर्शन करेंगे, मैं उन्हें शुभकामना देता हूं। जीएसटी रिफॉर्म्स यानी नेक्स्ट जेन रिफॉर्म्स ने देशवासियों के प्रति श्रद्धा का वातावरण पैदा किया है। जो उस दिशा में बहुत काम करने वाले है। पिछले कुछ समय से हमारे सदन को या तो चुनावों की वॉर्मिंग अप के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, या फिर पराजय की बौखलाहट को निकालने के लिए।
पीएम मोदी (PM Modi) ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सदन को अपने उस राज्य की राजनीति के लिए इस्तेमाल करने की एक नई परंपरा को कुछ दलों ने जन्म दिया है। उन्हें एक बार चिंतन करना चाहिए कि 10 साल से ये खेल खेल रहे हैं, जिसे देश स्वीकार नहीं कर रहा है उनको इसलिए अपनी रणनीति थोड़ा बदलें।

