एक IPS अधिकारी बनने का सपना तो हर कोई देखता है लेकिन जिन्दगी की रेस में हारने के बाद भी किसी का हौसला बुलंद रहना बड़ी बात है। ऐसे ही वाराणसी में गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रहे एक 10 वर्षीय बच्चे की आंखों में आज अलग-सी चमक तब देखने को मिली, जब उसका सपना हकीकत में बदल गया। कुर्तीहिया गांव, जिला संतकबीर नगर (उत्तर प्रदेश) निवासी सूर्यांश, जो कक्षा तीन का छात्र है, बचपन से ही आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देखता है। सूर्यांश की हिम्मत और जज्बे को सम्मान देते हुए मेक-ए-विश फाउंडेशन ऑफ इंडिया और सिगरा थाना पुलिस ने मिलकर उसके सपने को पूरा करने की पहल की।
IPS अधिकारी जैसा दिया गया सम्मान
इस खास आयोजन के तहत सूर्यांश को वाराणसी के सिगरा थाने बुलाया गया, जहां उसे एक दिन के लिए पुलिस अधिकारी की भूमिका में रखा गया। थाने में पुलिसकर्मियों ने उसका गर्मजोशी से स्वागत किया और उसे IPS अधिकारी जैसा सम्मान दिया। थाने का माहौल उस समय भावुक हो गया, जब बीमारी से कमजोर शरीर वाला यह बच्चा पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने सपने को जीता नजर आया।
इस मौके पर सूर्यांश ने कहा कि मेरा सपना था IPS बनने का, जो आज पूरा हुआ। मुझे इस बात ही बहुत ख़ुशी है। बहुत अच्छा लग रहा है क्योंकि मैं हमेशा से खुद को एक आईपीएस अधिकारी के रूप में इमैजिन करता हूं।
वहीं सूर्यांश की मां जो मजदूरी करती है, उन्होंने अपनी ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि मेरे बेटे का हमेशा से IPS बनने का सपना था। आज हम अपने बेटे को एक अधिकारी के रूप में देखकर बहुत खुश हैं। मेरा बेटा 10 साल का है लेकिन उसे कैंसर की बिमारी हो गई है। हम उसका इलाज कराने के लिए वाराणसी आए थे।
सिगरा थाना प्रभारी (SHO) और पुलिसकर्मियों ने सूर्यांश से बातचीत कर उसे हौसला दिया और कहा कि सपने उम्र या हालात नहीं देखते, बल्कि मजबूत इरादों से पूरे होते हैं।

