Varanasi: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा और उत्पीड़न के विरोध में वाराणसी में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और दुर्गावाहिनी ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर जुटे कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मो। यूनुस खान का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया और नारेबाजी करते हुए वहां की सरकार के खिलाफ कड़ा रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से भी इस मुद्दे पर प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की।
विहिप काशी विभाग के मंत्री कन्हैया सिंह के नेतृत्व में विरोध मार्च शास्त्री घाट से शुरू होकर अंबेडकर पार्क होते हुए गोलघर चौराहे तक पहुंचा। कार्यकर्ताओं (Varanasi) का आरोप था कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्व हिंदुओं के मंदिरों, प्रतिष्ठानों और व्यक्तियों को निशाना बना रहे हैं।
varanasi: बांग्लादेश सरकार को दी कड़ी चेतावनी
वहीं कन्हैया सिंह ने बताया कि बांग्लादेश में जिस प्रकार से हिन्दुओं की निर्मम हत्या की जा रही है, वह बेहद निंदनीय है। जिस हिंदू की हत्या की गई, उसपर झूठा इल्जाम लगाकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया, वहां के कट्टरवादी मौलवियों व सरकार ने सुनियोजित ढंग से उन्हें प्रेसर दिया। किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। वहां की सरकार कट्टरपंथियों के हाथ में है। भारत देश का हिंदू समाज उन्हें यह चेतावनी देता है कि अगर बांग्लादेश अपने रवैये से बाज नहीं आता है तो ये हिंदूवादी समाज (Varanasi) उनका चिंतन करेगा और ऐसा चिंतन करेगा कि इस्लामिक कट्टरता पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी और 100 सालों तक ये उनके DNA में नहीं आएगा।
प्रदर्शन (Varanasi) में शामिल अन्य लोगों का कहना रहा कि इसके पहले भी दंगे हुए हैं। फिर से वहीं हिन्दुओं का उत्पीडन बांग्लादेश में हो रही। इसके विरोध में तमाम हिंदू संगठन अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं ताकि भारत सरकार जाग जाए। बंगलादेश ये ना भूले कि उनके देश हमने उन्हें दिया है। इस प्रकार का उत्पीडन कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
प्रदर्शन में विपुल कुमार पाठक, यतींद्रानंद महाराज, कन्हैया सिंह और सत्य प्रकाश सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

