
Varanasi के ऐतिहासिक दालमंडी इलाके में शनिवार को चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया। सुबह से ही इलाके में बुलडोजरों की गड़गड़ाहट, पुलिस की गश्त और प्रशासनिक हलचल के बीच 43 चिन्हित भवनों को गिराने की कार्रवाई शुरू हुई। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से छावनी में तब्दील कर दिया गया, जहां भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई।
लोक निर्माण विभाग (PWD) और विकास प्राधिकरण की टीमों ने शुक्रवार को ही क्षेत्र में मुनादी कराकर भवन स्वामियों और दुकानदारों (Varanasi) को मकान व दुकानें खाली करने का निर्देश दे दिया था। शनिवार सुबह से ही दालमंडी की संकरी गलियों में प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहीं। अधिकांश दुकानों के शटर बंद रहे और इलाके में सन्नाटा पसरा दिखाई दिया।

प्रशासन की ओर से तीन बुलडोजर और दर्जनों मजदूरों को अलग-अलग टीमों में बांटकर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रास्तों को बंद कर दिया गया ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
300 पुलिसकर्मी और पीएसी रही तैनात
संवेदनशील माने जाने वाले मुस्लिम बाहुल्य इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। मौके पर करीब 300 पुलिसकर्मी, पीएसी जवान और महिला पुलिस बल तैनात रहे। पुलिसकर्मी हेलमेट और सुरक्षा जैकेट पहनकर इलाके की निगरानी करते नजर आए।

अभियान (Varanasi) के दौरान एडीसीपी भैरव बांगर, एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी, आलोक कुमार वर्मा, पीडब्ल्यूडी अधिकारी ई.के.के. सिंह, चौक थाना प्रभारी दिलीप मिश्रा समेत नगर निगम, बिजली विभाग और प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
Varanasi: 20 दिन बाद फिर शुरू हुआ ध्वस्तीकरण
करीब 20 दिनों के अंतराल के बाद दालमंडी में दोबारा बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई है। अधिकारियों के अनुसार इस चरण में कुल 43 भवनों को गिराया जाना है और तीन दिनों के भीतर यह कार्रवाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रशासन का कहना है कि चौड़ीकरण परियोजना के तहत अब तक 181 भवनों में से 61 भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जबकि 62 भवन पहले ही ध्वस्त किए जा चुके हैं। प्रभावित लोगों (Varanasi) को लगभग 39 करोड़ रुपये का मुआवजा भी वितरित किया जा चुका है।
650 मीटर लंबी सड़क बनेगी मॉडल रोड
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना (Varanasi) के तहत करीब 650 मीटर लंबी सड़क को लगभग 17 मीटर चौड़ा किया जाएगा। यह सड़क काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्ग के रूप में विकसित की जा रही है।

परियोजना के तहत सड़क पर सीवर लाइन, स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज, अंडरग्राउंड बिजली लाइन, इंटरनेट और टेलीफोन के तार बिछाए जाएंगे। सड़क (Varanasi) के दोनों ओर चौड़े फुटपाथ और हरियाली विकसित की जाएगी। साथ ही हेरिटेज लाइट्स और आकर्षक वॉल पेंटिंग्स के जरिए इस क्षेत्र को सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से भी नया स्वरूप दिया जाएगा।
छह मस्जिदें भी परियोजना के दायरे में
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना में कुल 187 संपत्तियां चिन्हित की गई हैं, जिनमें 181 भवन और 6 मस्जिदें शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि मस्जिदों को लेकर फिलहाल संबंधित पक्षों से बातचीत की जा रही है और किसी भी कार्रवाई से पहले कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। PWD अधिकारियों के अनुसार, जो धार्मिक स्थल नजूल भूमि पर बने पाए जाएंगे, उनके संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।

स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल
कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारियों और निवासियों (Varanasi) में चिंता और असमंजस की स्थिति दिखाई दी। कई लोगों ने प्रशासन से अधिक समय देने की मांग की, ताकि वे अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा सकें।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना जनहित और यातायात सुधार के उद्देश्य से चलाई जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि सड़क चौड़ी होने के बाद दालमंडी और आसपास के क्षेत्रों में जाम की समस्या से काफी राहत मिलेगी और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचना अधिक सुगम हो जाएगा।

