Cyber Fraud: नया साल आते ही जहां लोग उम्मीदों और शुभकामनाओं में डूबे रहते हैं, वहीं साइबर अपराधी इसी भावनात्मक माहौल को अपने हथियार में बदल लेते हैं। डिजिटल दुनिया की चमक-दमक के बीच ठगों का जाल और भी खतरनाक हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार भी नए साल की शुभकामनाओं के बहाने धोखाधड़ी के लिंक और फर्जी एप लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
धोखाधड़ी का नया रूप
साइबर एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग एप पर “हैप्पी न्यू ईयर” संदेशों के साथ लिंक भेजे जा रहे हैं। इन लिंक पर क्लिक करते ही फोन हैक होने का खतरा बढ़ जाता है। ठग (Cyber Fraud) आपके मोबाइल डेटा, गैलरी, कॉन्टैक्ट्स और यहां तक कि बैंक अकाउंट तक पहुंच बना सकते हैं। कई बार यह धोखाधड़ी इमोशनल ब्लैकमेल या सीधी वित्तीय ठगी में बदल जाती है।
मालवेयर का खेल
अपराधी अक्सर एपीके फाइल्स या लिंक के जरिए आपके फोन में मालवेयर इंस्टॉल कर देते हैं। इंस्टॉल होते ही फोन का कंट्रोल उनके हाथों में चला जाता है। इसके बाद वे आपके डेटा चुराते हैं, आपके परिचितों को फ्रॉड मैसेज भेजते हैं या बैंक अकाउंट से पैसे ट्रांसफर करते हैं। “अभी क्लिक करो” या “जल्दी फॉरवर्ड करो” जैसे संदेश इसी जल्दबाज़ी का हिस्सा होते हैं, जो लोगों को फंसाने का पहला संकेत है।
Cyber Fraud: सावधानी ही सुरक्षा
विशेषज्ञों का कहना है कि अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और कभी भी प्ले स्टोर या ऐप स्टोर के बाहर से एप इंस्टॉल न करें। मैसेजिंग एप में ऑटो-डाउनलोड बंद रखें और ओटीपी या बैंक डिटेल्स साझा न करें। संदिग्ध नंबरों को तुरंत ब्लॉक करें और फोन व एप्स (Cyber Fraud) को समय-समय पर अपडेट करते रहें। यही छोटे कदम बड़े नुकसान से बचा सकते हैं।
साइबर अपराधियों (Cyber Fraud) की सबसे बड़ी ताकत लोगों की भावनाओं और लालच पर खेलना है। “आपके नाम से ग्रीटिंग भेजें” या “फ्री गिफ्ट पाएं” जैसे शब्द लोगों को आकर्षित करते हैं और जल्दबाज़ी में वे गलती कर बैठते हैं। यही मानसिक चाल ठगों को सफल बनाती है। इसलिए विशेषज्ञ बार-बार यही सलाह देते हैं कि किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें और जांचें।
साइबर एक्सपर्ट आशुतोष सिंह का कहना है कि नए साल पर सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप्स पर गतिविधि बढ़ जाती है। ऐसे समय में छोटी-सी सावधानी बड़ा फायदा देती है। परिवार और दोस्तों के बीच जागरूकता फैलाना भी उतना ही ज़रूरी है। वहीं डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने कहा कि जल्दबाज़ी, लालच और अनजान लिंक—ये तीनों ही साइबर ठगों (Cyber Fraud) के सबसे बड़े हथियार हैं। नए साल की खुशियों में इन्हें पहचानना और रोकना ही असली सुरक्षा है।

