News Year 2026: काशी में ऐसी भीड़ नजर आ रही है, ये महाकुंभ की नहीं, ये हैं नए साल पर काशी आने वाले श्रद्धालुओं की…जी हां, इस वक़्त लाखों लाख श्रद्धालु काशी पहुंच रहे हैं। सभी के अंदर मानो बस एक ही भाव है कि नए साल की शुरुआत महादेव के दर्शन के साथ की जाए। ऐसे में काशी में ऐसा मंजर देखने को मिल रहा है, जैसे मानों महाकुंभ का दौर फिर से लौट आया है।

सडकों व गलियों में पैर तक रखने की जगह नहीं
सडकों पर भारी भीड़ के चलते पैर तक रखने की जगह नहीं। गोदौलिया चौराहा हो या फिर दशाश्वमेध घाट, नमो घाट हो या फिर अस्सी घाट सभी जगहों पर सिर्फ श्रधालुओं का हुजूम नजर आ रहा है। इसको देखने हुए काशी News Year 2026) में एक बार फिर से महाकुंभ जैसी व्यवस्था लागू कर दी गई है। मैदागिन-गोदौलिया मार्ग नो व्हीकल जोन घोषित कर दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर परिसर में 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

महाकुंभ जैसी व्यवस्था मैनेज के लिए लागू
काशी की गलियां हो या फिर हो सड़क सब कुछ लोगों के रेला से पटा नजर आ रहे हैं। न्यू इयर (News Year 2026) पर वाराणसी एक्स्प्लोर के लिए यहाँ आए लोगों में ऐसा उत्साह देखने को मिल रहा है, मानों भीड़ उनके लिए कुछ है ही नहीं। वहीं भारी भीड़ को देखते हुए नए साल के स्वागत से पहले काशी में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। शहर में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के बीच कमिश्नरेट ने हालात को महाकुंभ जैसी योजना के तहत मैनेज करने का फैसला लिया है।

500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
भीड़ नियंत्रण और सुगम आवाजाही के लिए 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है, जबकि पीएसी और आरएएफ के जवान भी श्रीकाशी विश्वनाथ धाम और गोदौलिया-मैदागिन इलाके (News Year 2026) में तैनात हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि मैदागिन से गोदौलिया तक पूरा रास्ता अब नो-व्हीकल ज़ोन घोषित कर दिया गया है। यहां न आम वाहनों को एंट्री मिलेगी और न ही वीआईपी गाड़ियों को धाम की ओर जाने की अनुमति होगी।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने खुद मौके पर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया और निर्देश दिया कि गोदौलिया–गिरजाघर मार्ग पर ई-रिक्शा और ऑटो का संचालन तुरंत रोका जाए।
मंदिर पिरसर के अंदर भी बैरिकेडिंग
वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम के आस-पास स्टील की रेलिंग लगा दी गई हैं। श्रद्धालु वहीं से कतारबद्ध होकर एक-एक करके बाबा के दर्शन प्राप्त करेंगे। मंदिर परसर (News Year 2026) के बाहर ही नहीं, अन्दर भी बैरिकेडिंग लगाया गया है। ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा ना होने पाए। सभी सुचारू रूप से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें।

आपको बताते चलें कि यातायात को सुचारू रखने के लिए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पास बैरिकेडिंग की गई है, बाहरी वाहनों को यहीं से लहुराबीर की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। पार्किंग भी इसी परिसर में तय की गई है। भीड़ बढ़ते ही लहुराबीर चौराहे से पहले वाहनों को रोक दिया जाएगा, जबकि पुलिस (News Year 2026) वाहनों की संख्या भी निश्चित सीमा में रखी जाएगी ताकि सड़कें खाली रहें और आपात सेवाएं बिना रुकावट चल सकें।

