Varanasi: वाराणसी के मुस्लिम बाहुल्य दालमण्डी क्षेत्र में विकास प्राधिकरण (वीडीए) की कार्रवाई लगातार सुर्खियों में है। चौड़ीकरण योजना के तहत मंगलवार को सातवें दिन 11वां मकान ध्वस्त कर दिया गया। संकरी गलियों में मशीनों और हथौड़ों की गूंज ने एक बार फिर विकास बनाम आजीविका की बहस को हवा दी है।
मंगलवार को वीडीए की टीम ने मुनादी कराकर मकान खाली कराया और दोपहर बाद ध्वस्तीकरण (Varanasi) शुरू किया। यह मकान CK 43/175 संजू का था, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर दो दुकानें और पहले तल पर गोदाम बना हुआ था। दुकानों में गर्म कपड़ों की बिक्री हो रही थी, जिन्हें तत्काल खाली कराया गया।
Varanasi: संकरी गलियों में मशीनों का सहारा
दालमण्डी (Varanasi) की गलियाँ इतनी तंग हैं कि बुलडोजर का इस्तेमाल संभव नहीं। यही कारण है कि वीडीए ने हथौड़ों और मशीनों से मकान तोड़ने की प्रक्रिया अपनाई। सुरक्षा के मद्देनज़र गली को दोनों ओर से बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया और सिविल फोर्स, पीएससी व अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।

प्रशासनिक निगरानी और ड्रोन से नजर
ध्वस्तीकरण के दौरान एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा, वीडीए के जोनल अधिकारी रविंद्र प्रकाश और एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी (Varanasi) मौके पर मौजूद रहे। एसीपी ने बताया कि इस मकान को ध्वस्तीकरण के लिए पहले ही कई नोटिस दिए जा चुके थे। कार्रवाई की निगरानी ड्रोन से की गई ताकि किसी भी अव्यवस्था पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया: विकास बनाम आजीविका
दालमण्डी (Varanasi) क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसे चौड़ीकरण और विकास की दिशा में आवश्यक कदम मानते हैं, जबकि कई इसे अपनी रोज़ी-रोटी पर सीधा प्रहार बताते हैं। दुकानदारों और निवासियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वीडीए का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध निर्माणों के खिलाफ है और विकास योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है। प्राधिकरण का दावा है कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई (Varanasi) जारी रहेगी ताकि दालमण्डी क्षेत्र में चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।

