केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026–27 के आम बजट (Budget 2026) को लेकर आमजन की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। सरकार ने इस बजट में ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के तहत कृषि, बुनियादी ढांचे, निवेश और उद्योग को प्राथमिकता दी है। कृषि क्षेत्र के लिए नई योजनाएं, सस्ती ऋण व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के दावे किए गए हैं, वहीं रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और छोटे कारोबारियों के लिए किए गए प्रावधानों को लेकर अलग-अलग वर्गों की राय बंटी हुई नजर आ रही है।
जानिए Budget 2026 पर लोगों की क्या है राय
किसान वर्ग के सतेंद्र प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए नई योजनाओं और सस्ती ऋण व्यवस्था की घोषणा की है, जो किसानों के लिए राहत देने वाली है। यदि इन योजनाओं (Budget 2026)को सही तरीके से लागू किया गया तो गांवों की तस्वीर बदलेगी। जो भी कृषि क्षेत्र के लिए योजनाएं घोषित की गई हैं, कुल मिलाकर सराहनी बजट है इसमें किसान नौजवान गरीब मजदूर सबका ख्याल रखा गया है।

बेरोजगार वर्ग से जुड़े प्रीति सेठ चौबेपुर (बीटीसी,टेट,सीटेट पास) का कहना रहा कि बजट (Budget 2026)में रोजगार सृजन को लेकर बड़े दावे तो किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर नौकरी देने की कोई साफ योजना नहीं दिखती। युवाओं के लिए यह बजट उम्मीद से कमजोर है।

महिला वर्ग से बातचीत में गृहिणी प्रियंका तिवारी ने कहा कि रसोई गैस, दाल, तेल जैसी जरूरी चीजों की महंगाई पर कोई राहत नहीं दी गई। महिलाओं के लिए बजट (Budget 2026)में बड़ी बातें हैं, लेकिन घर चलाने वालों को कोई सीधी मदद नहीं मिली।

व्यापारी वर्ग से जुड़े एन पी जायसवाल नन्हे ने अपनी राय देते हुए कहा कि सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को तो राहत दी है, लेकिन छोटे व्यापारियों के लिए कोई ठोस टैक्स छूट नहीं दी गई। महंगाई और जीएसटी की मार से जूझ रहे व्यापारियों को इस बजट (Budget 2026)से निराशा हुई है। बजट उद्योगपतियों और निवेशकों पर आधारित है; आम टैक्सपेयर्स और छोटे कारोबारियों को कम प्राथमिकता मिली।

