Varanasi: वाराणसी में महानगर युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित “पीएम कम्प्रोमाइज” कार्यक्रम के तहत शनिवार को कांग्रेसजन प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय का घेराव करने निकले. कांग्रेस द्वारा निकाले गए इस पैदल मार्च को प्रशासन ने मैदागिन स्थित पार्टी कार्यालय के पास ही रोक दिया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।

प्रशासन द्वारा बलपूर्वक रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकृत अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई गई तथा संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग की गई।
Varanasi: पुलिस ने रास्ते में ही रोका
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा ने की। मार्च में शामिल युवा कांग्रेस कार्यकर्ता (Varanasi) हाथों में तख्तियां और संविधान की प्रस्तावना लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ ही रहे थे कि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के प्रति अपनी आवाज भी बुलंद की।

इस मौके पर राघवेंद्र चौबे ने कहा कि शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से निकाले जा रहे मार्च (Varanasi) को रोकना सरकार की असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
वहीं महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध युवाओं का मौलिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि एआई समिट के दौरान भी युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक दायरे में रहकर अपनी बात रखी थी, इसके बावजूद सरकार ने द्वेषपूर्ण कार्रवाई करते हुए कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को शीघ्र रिहा नहीं किया गया और दमनात्मक रवैया जारी रहा, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

