Sonbhadra: जिले के कर्मा थाना क्षेत्र के जोगिनी ग्राम पंचायत अंतर्गत लोढ़ौउटा गांव में बीते गुरुवार की रात विद्युत लाइन की मरम्मत के दौरान हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आने से संविदा लाइनमैन की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया।
मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) एसबी ठाकुर, उपखंड अधिकारी (एसडीओ) कृष्ण नंदन और अवर अभियंता (जेई) शैलेश प्रजापति को निलंबित कर दिया है। वहीं दो संविदा कर्मियों अश्वनी कुमार और राजेश की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
जानकारी एक अनुसार, मृतक संतोष (46), पुत्र चिंता, बीसहार गांव का निवासी था और घोरावल उपखंड के बिसरेखी फीडर पर संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत था। बताया गया कि गुरुवार की रात वह विभाग (Sonbhadra) से विधिवत शटडाउन लेकर पोल पर चढ़कर मरम्मत कार्य कर रहा था।
11 हजार वोल्ट की सप्लाई अचानक हुई चालू
इसी दौरान अचानक 11 हजार वोल्ट की सप्लाई चालू हो गई। हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आकर संतोष खंभे पर ही बुरी तरह झुलस गया। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
Sonbhadra: ग्रामीणों ने किया दो घंटे तक चक्का जाम
शुक्रवार देर रात बीएचयू से पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शनिवार की दोपहर सैकड़ों ग्रामीणों ने घोरावल के खरूआंव ब्लॉक तिराहे पर शव रखकर लगभग दो घंटे तक चक्का जाम किया।
प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश देकर जाम खुलवाया और तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की।
अधीक्षण अभियंता रमेश चंद्र के अनुसार, घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई है। बिसरेखी सबस्टेशन के जेई शैलेश प्रजापति, एक्सईएन एसबी ठाकुर और एसडीओ कृष्ण नंदन को निलंबित कर विभागीय (Sonbhadra) जांच शुरू कर दी गई है।
