अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा वाराणसी (Varanasi) के सर्किट हाउस में जनसुनवाई करने पहुंचीं। इस दौरान महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई और कई प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई की गई।
जनसुनवाई में कुल 17 प्रकरण सामने आए, जिनमें से चार मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं चार से पांच मामलों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण को सौंप दिया गया। इसके अलावा जमीन से जुड़े लगभग पांच मामले भी सामने आए, जिन पर संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है।

गीता विश्वकर्मा ने स्पष्ट कहा कि महिला आयोग के निर्देशों को जो भी अधिकारी गंभीरता से नहीं लेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आयोग हर मामले की गहनता से जांच करता है और दोनों पक्षों (Varanasi) को सुनने के बाद ही निर्णय लेता है।
जनसुनवाई (Varanasi) के दौरान कई शिकायतों में एकतरफा कार्रवाई की बात भी सामने आई। इस पर उन्होंने कहा कि आयोग ऐसे मामलों को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच कराता है, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।
Varanasi: महिला अपराध पर NCRB रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की उस रिपोर्ट पर, जिसमें उत्तर प्रदेश में महिला अपराध अधिक दिखाए जाने की बात कही गई है, गीता विश्वकर्मा ने कहा कि इस विषय पर सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जिन जिलों की जिम्मेदारी उनके पास है, वहां कुल 77 मामले आए थे, जिनमें से 41 का निस्तारण कर दिया गया है, जबकि 33 मामले अभी आयोग के समक्ष लंबित हैं।
महिला अपराध के आंकड़ों को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने कहा कि सरकार और आयोग दोनों ही स्तर पर लगातार सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

