श्री कृष्ण की नगरी ब्रज के प्रसिद्ध गौ-सेवक उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद पुरे मथुरा (Mathura) में भरी आक्रोश फैल गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि मथुरा के थाना कोसीकलां के अंतर्गत कोटवन चौकी क्षेत्र के नवीपुर में गौ-तस्करों ने शुक्रवार की देर रात गाड़ी से कुचलकर उनकी हत्या कर दी। इस घटना से क्षेत्र में भरी मात्र में आक्रोश देखने को मिला। हांलाकि पुलिस (Mathura) ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नाकाबंदी कर दी है।

इस दुखद घटना से पुरे क्षेत्र में मातम फैल गया। इसी बीच आक्रोशित लोगों ने आगरा-दिल्ली हाईवे जाम कर पथराव कर दिया। इस पथराव में एसडीएम और पुलिस की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। हालात पर काबू पाने के लिए सेना की टुकड़ी ने मोर्चा संभाला है।

मिली जानकारी के अनुसार बाबा चंद्रशेखर को क्षेत्र में गौ-तस्करों की सक्रियता की सूचना मिली थी। जिसके बाद वे अपनी टीम के साथ तस्करों का पीछा कर रहे थे। जिसके बाद तस्करों (Mathura) ने अपनी क्रूरता की सभी हदें पार कर बाबा को अपनी गाड़ी से रौंद दिया। जिसके चलते उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। घटना (Mathura) की गंभीरता को देखते हुए छाता पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। बरसाना की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर सघन नाकाबंदी कर दी गई है ताकि फरार आरोपियों को पकड़ा जा सके।
Mathura: आक्रोशित भीड़ ने किया पथराव
साथ ही बाबा का पार्थिव शरीर उनके गांव अंजनोख स्थित बाबा की गोशाला पहुंचा, जहां हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त जमा हैं। बाबा ‘फरसा वाले’ अपने निडर स्वभाव और गौ-वंश की रक्षा के लिए ब्रज क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। उनकी हत्या की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों और गौ-सेवकों में भारी रोष फैल गया है।
जैसे जैसे भीड़ बढ़ रही थी, वैसे वैसे लोगों में आक्रोश भी बढ़ रहा था। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस (Mathura) पर पथराव करना शुरू कर दिया। अचानक हुए एक पथराव (Mathura) से भगदड़ मच गयी। सभी अधिकारियों की गाड़ी के शीशे और खिड़कियां तोड़ दीं। वहीं मौके पर तैनात पुलिस (Mathura) ने मोर्चा संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के आगे पुलिसकर्मियों के कदम भी पीछे हट गए।
पथराव और आक्रोशित भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिया। इस मामले में सीएम योगी ने सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़ा एक्शन लेने का निर्देश देते हुए कहा कि ‘ज़िम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो, आरोपियों को भी बख़्शा नहीं जाएगा’।
वहीं इस घटना पर प्रशासन ने बयाँ जारी करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बाबा अपने शिष्यों के साथ गोवंश की तस्करी की सूचना पर एक नागालैंड नंबर के कंटेनर की जांच कर रहे थे। इस कंटेनर में साबुन, फिनाइल और शैम्पू जैसे सामान भरे हुए थे।
घने कोहरे के कारण, पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के एक तार से भरे ट्रक ने कंटेनर को टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना (Mathura) में फरसा वाले बाबा की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हांलाकि ट्रक चालक घायल भी गयल हुआ है और ट्रक भी क्षतिग्रस्त हो गया है।

