Ayodhya: धर्मनगरी अयोध्या के राजघाट क्षेत्र से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। यहां आयोजित हो रहे भव्य ‘श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ’ के दौरान अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते यज्ञशाला और आसपास के पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना के बाद आयोजन स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं और वीआईपी मेहमानों के बीच भारी अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं।

Ayodhya: आसमान में उड़ा धुंए का गुबार
जानकारी के मुताबिक, यह महायज्ञ (Ayodhya) स्वामी महाराज के सानिध्य में राजघाट स्थित बाटी वाले बाबा घाट के निकट आयोजित किया जा रहा था। शनिवार को जब अनुष्ठान जारी था, तभी अचानक आग की लपटें दिखाई दीं। सूखे घास-फूस और टेंट के कपड़ों के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। धुएं का गुबार आसमान में कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। गनीमत रही कि घटना के समय रेस्क्यू टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया।
परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में हुआ महायज्ञ
विशेष बात यह है कि इस श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में कराया जा रहा था। आग लगने के समय मौके पर खुद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह भी मौजूद थे। वहीं परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि इस यज्ञ का संचालन 20 मार्च से 28 मार्च तक किया गया। वहीं आज यज्ञ के समापन होने के बाद अचानक से किसी कारण वश आग लग आग गयी। देखते ही देखते आग ने पुरे पंडाल को पुरे कब्जे में ले लिया। जिसके बाद दमकल ने कड़ी मशक्कत से आग (Ayodhya) पर काबू पाया। हांलाकि किसी भी जनहानि की सुचना नही मिली है।
आग लगते ही सुरक्षाकर्मियों ने वीआईपी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पंडाल में रखा काफी सामान जलकर राख हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और फायर सर्विस की टीम हरकत में आ गई। मौके पर दमकल की चार गाड़ियां लगातार आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही हैं। फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू टीम पंडाल के भीतर फंसे सामान और उपकरणों को बाहर निकालने में जुटी है। आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या हवन कुंड की चिंगारी को शुरुआती वजह माना जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था और जांच के निर्देश
अयोध्या के संवेदनशील क्षेत्र राजघाट में हुए इस अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस बल भी मौके पर तैनात है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। महायज्ञ (Ayodhya) जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और स्थिति को सामान्य करने की है।

