Mau जिले की घोसी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। खुद को बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) बताकर शिक्षकों को ठगने वाले दो शातिर साइबर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने अब तक करीब 90 शिक्षकों को निशाना बनाकर लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपये की ठगी की है। इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब घोसी थाना क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसकी मां, जो एक सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापिका हैं, को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया।

फोन करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए ट्रांसफर की धमकी दी और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो लखनऊ ट्रांसफर कर दिया जाएगा। डर के चलते उन्होंने बताए गए स्कैनर पर 50 हजार रुपये भेज दिए। बाद में संपर्क करने पर नंबर बंद मिला, तब जाकर ठगी का एहसास हुआ।
Mau: आरोपी ने खोला राज
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी नरेन्द्र पाल ने बताया कि वह इंटरनेट के जरिए शिक्षकों से जुड़ी जानकारी जुटाता था। अगर किसी शिक्षक के खिलाफ कोई शिकायत या ट्रांसफर की खबर मिलती, तो वह उसी को आधार बनाकर उन्हें टारगेट करता था। इसके बाद वह गांव के प्रधान का नंबर निकालकर पहले उससे संपर्क करता और खुद को शिक्षा विभाग का अधिकारी बताता। फिर उसी के जरिए शिक्षक तक अपना नंबर पहुंचवाता था। जब शिक्षक कॉल करता, तो उसे जांच या ट्रांसफर का डर दिखाकर पैसे की मांग करता था।
बरेली से हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक (Mau) कमलेश बहादुर ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई थी। इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों नरेन्द्र पाल और सौरभ पाल का नाम सामने आया। दोनों को बरेली जिले के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से कई अहम जानकारियां भी मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ठगी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई।पुलिस (Mau) ने शिक्षकों और आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या अधिकारी बनकर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।

