Sonbhadra: रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने मानव तस्करी के संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह काम दिलाने का झांसा देकर एक किशोरी को बेचते थे। इस मामले में पुलिस ने दो महिला तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि गिरोह के चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पीड़िता की मां की तहरीर पर 6 मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि पन्नूगंज थाना क्षेत्र के पाड़र गांव निवासी बिंदु नाम की महिला उसकी नाबालिग बेटी को नौकरी दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी। वहीं जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोरी को 1.20 लाख रुपये में बेच दिया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को बरामद कर लिया।
Sonbhadra: मेडिकल जांच में पाई गयी गर्भवती
जिसके बाद उसका मेडिकल जांच कराया गया, जिसमें वह गर्भवती पाई गई। जिसके बाद मामले में गंभीर धाराएं बढ़ाई गईं। साथ ही पांच अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए। रविवार रात पुलिस ने पवर गांव के पास से मुख्य आरोपी बिंदु (पाड़र गांव) और सोनी (गेंगुआर गांव) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों महिलाओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने किशोरी को आगरा और अलीगढ़ (Sonbhadra) ले जाकर विभिन्न लोगों के माध्यम से बेच दिया था। वहां पीड़िता (Sonbhadra) को अलग-अलग व्यक्तियों के पास रखा गया। जहां उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई।
प्रभारी निरीक्षक के अनुसार, यह पूरा मामला एक संगठित मानव तस्करी गिरोह से जुड़ा है। पुलिस टिं गठित कर अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही गिरफ्तार महिलाओं के संग आगे की विधिक कार्रवाई किया जा रहा है।

