Varanasi: लगातार गिरता भूजल स्तर और बढ़ता जल संकट अब गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। इसी चिंता को केंद्र में रखते हुए सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस क्लब के बैनर तले जल संरक्षण जागरूकता अभियान चलाया गया।

शहर के श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर (Varanasi) में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर जल संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही जल की बर्बादी रोकने और वर्षा जल संचयन को अपनाने की शपथ भी ली।
इस अभियान का नेतृत्व संस्था के अध्यक्ष समाजसेवी मुकेश जायसवाल, लक्ष्मी नर्सिंग कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार राय तथा कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. प्रियंका तिवारी ने किया।
जल संरक्षण अब समय की सबसे बड़ी जरूरत
कार्यक्रम (Varanasi) में वक्ताओं ने कहा कि देश और प्रदेश के कई हिस्से भूजल संकट से जूझ रहे हैं और इसका असर अब वाराणसी में भी दिखाई देने लगा है। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, ऐसे में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाना बेहद जरूरी हो गया है।

वक्ताओं ने कहा कि अक्सर लोग बिना जरूरत पानी की बर्बादी करते हैं, जबकि पानी ही जीवन का आधार है। यदि अभी से जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो भावी पीढ़ी को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
Varanasi: वर्षा जल संचयन पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में वर्षा जल संरक्षण (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को जल संकट के समाधान का प्रभावी तरीका बताया गया। छात्राओं और उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों और आसपास के लोगों को भी जल बचाने के लिए जागरूक करें।
कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों छात्राओं ने यह संकल्प लिया कि वे जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगी और किसी भी स्थिति में शुद्ध पेयजल की बर्बादी नहीं होने देंगी। इस अवसर (Varanasi) पर गणेश सिंह, श्याम दास गुजराती, कंचन बाला, शशि श्रीवास्तव, रंजना गिरि, सुनीता सिंह, गीता वर्मा, रीता प्रजापति समेत बड़ी संख्या में शिक्षकगण और छात्राएं मौजूद रहीं।

