Prateek Yadav की मौत से उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ा यादव परिवार एक बार फिर गहरे सदमे में है। समाजवादी परिवार से संबंध रखने वाले और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का अचानक निधन सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि कई अनुत्तरित सवालों के बीच घिरा मामला बनता जा रहा है। जिस तरह प्रतीक यादव अपने घर के किचन में अचेत अवस्था में मिले, जिस समय अस्पताल को फोन किया गया और जिस परिस्थिति में उनकी मौत हुई, उसने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है।
मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े होने के बावजूद राजनीति से दूर रहने वाले 38 वर्षीय प्रतीक यादव (Prateek Yadav) की जिंदगी अचानक ऐसे खत्म होगी, इसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। फिटनेस को लेकर बेहद सजग रहने वाले प्रतीक का इस तरह अचानक चले जाना लोगों को हैरान कर रहा है।
किचन में अचेत मिले थे Prateek Yadav
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव अपने घर के किचन में अचेत अवस्था में मिले थे। सुबह 4 बजकर 55 मिनट पर घर में मौजूद लोगों ने अस्पताल को इसकी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि उस समय उनकी पत्नी और बीजेपी नेता अपर्णा यादव घर पर मौजूद नहीं थीं। वह दिल्ली में थीं और पति के निधन की खबर मिलते ही लखनऊ के लिए रवाना हो गईं।
सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव (Prateek Yadav) को सुबह करीब 5 बजकर 55 मिनट पर अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रतीक यादव का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है और अब घर की परिस्थितियों और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
पोस्टमार्टम पर टिकी निगाहें
प्रतीक यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस प्रक्रिया को लेकर प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। जानकारी के मुताबिक, चार डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम करेगी और पूरी प्रक्रिया की वीडियो ग्राफी भी कराई जाएगी।
सिविल अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिवार के सदस्य और समर्थकों की भीड़ जुटी रही। अपर्णा यादव के भाई भी वहां मौजूद थे। पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि अस्पताल के डॉक्टर जीपी गुप्ता ने शुरुआती आशंका जताई है कि मामला पॉइजनिंग से जुड़ा हो सकता है। हालांकि उन्होंने साफ कहा है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
कुछ दिन पहले ही मेदांता में भर्ती हुए थे प्रतीक
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, 30 अप्रैल को प्रतीक यादव (Prateek Yadav) को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी तबीयत खराब थी और डॉक्टर उन्हें डिस्चार्ज करने के पक्ष में नहीं थे। इसके बावजूद बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव (Prateek Yadav) ने अपनी इच्छा से अस्पताल छोड़ दिया और घर पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। यही तथ्य अब जांच का अहम हिस्सा बन सकता है। आखिर उनकी बीमारी क्या थी, वह कितनी गंभीर थी और घर लौटने के बाद उनकी स्थिति कैसी थी, इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट के जरिए सामने आने की उम्मीद है।
राजनीति से दूरी, फिटनेस और जानवरों के प्रति लगाव
प्रतीक यादव (Prateek Yadav) का जीवन हमेशा सार्वजनिक राजनीति की चमक से दूर रहा। वह समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पहले पति चंद्र प्रकाश गुप्ता से हुए बेटे थे। राजनीतिक परिवार से गहरा रिश्ता होने के बावजूद उन्होंने कभी सक्रिय राजनीति में दिलचस्पी नहीं दिखाई। वह ‘फिटनेस प्लैनेट’ जिम के मालिक थे और फिटनेस इंडस्ट्री में सक्रिय रहते थे। इसके साथ ही उन्होंने ‘जीव आश्रय’ नाम की संस्था भी बनाई थी, जो स्ट्रीट डॉग्स के इलाज, रेस्क्यू और देखभाल का काम करती थी।
जानवरों के प्रति उनका लगाव लोगों के बीच चर्चा का विषय रहता था। फिटनेस के प्रति उनकी गंभीरता को देखते हुए उनका अचानक निधन लोगों के लिए अविश्वसनीय लग रहा है। जो व्यक्ति नियमित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति सजग माना जाता था, उसकी मौत ने आसपास के लोगों को भीतर तक झकझोर दिया है।
परिवार और सैफई में पसरा मातम
प्रतीक यादव (Prateek Yadav) अपने पीछे पत्नी अपर्णा यादव और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। निधन की खबर मिलते ही लखनऊ से लेकर सैफई तक शोक की लहर फैल गई। राजनीतिक और सामाजिक जगत से जुड़े लोग लगातार अस्पताल पहुंचते रहे। परिवार के भीतर गहरा दुख और सन्नाटा है। लेकिन इस दुख के बीच कई सवाल भी हवा में तैर रहे हैं।
आखिर देर रात उनकी तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी? किचन तक पहुंचने के बाद क्या हुआ? अस्पताल पहुंचने में एक घंटा क्यों लगा? और डॉक्टर जिस पॉइजनिंग की आशंका जता रहे हैं, उसकी सच्चाई क्या है?

