Varanasi में बच्चों और युवाओं की कलाओं को और ज्यादा निखारने के लिए ग्रीष्मकालीन नवांकुर कार्यशाला लगने जा रहा है. यह कार्यशाला श्री नागरी नाटक मंडली न्यास की ओर से आयोजित किया जायेगा, जो कि कल यानि 15 मई से शुरू होगा. वाराणसी के कबीर रोड स्थित नागरी नाटक मण्डली के श्री मुरारीलाल मेहता स्मारक प्रेक्षागृह एवं ट्रस्ट हॉल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान न्यास अध्यक्ष डॉ. संजय मेहता और न्यास के सचिव डॉ. अजीत सैगल ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की।
न्यास अध्यक्ष डॉ. संजय मेहता ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी कार्यशाला ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित की जा रही है, जिसमें बच्चों और युवाओं को रंगमंच, संगीत, नृत्य और कला की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण (Varanasi) दिया जाएगा। डॉ. संजय मेहता ने आगे बताया कि कार्यशाला पूरी तरह निःशुल्क होगी। प्रतिभागियों से केवल 500 रुपये का पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा।
वरिष्ठ और कनिष्ठ वर्ग के लिए अलग संकाय
वहीं न्यास के सचिव डॉ. अजीत सेगल ने बताया कि कार्यशाला (Varanasi) का आयोजन भारतेंदु नाट्य अकादमी के सहयोग से किया जा रहा है। वरिष्ठ वर्ग के प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर हेमा सिंह को नामित किया गया है, जबकि कनिष्ठ वर्ग का प्रशिक्षण वरिष्ठ रंगकर्मी सुमन पाठक देंगी।
जून में होगा सप्ताहव्यापी सांस्कृतिक समारोह
उन्होंने ने बताया कि कार्यशाला के समापन के बाद जून के चौथे सप्ताह में सप्ताहव्यापी सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रमों की रूपरेखा इस प्रकार होगी—
- 21 जून : कनिष्ठ वर्ग का नाटक
- 22 जून : नृत्य नाटिका
- 23 जून : विशेष एक्सपेरिमेंटल भरतनाट्यम प्रस्तुति
- 24 जून : आर्ट एवं पेंटिंग कार्यशाला
- 25 जून : क्राफ्ट कार्यशाला
- 26 जून : “बदला-बदला या बनाइस” विषय पर परिचर्चा
- 28 जून : वरिष्ठ वर्ग का नाटक मंचन
Varanasi: संगीत, नृत्य और कला का भी प्रशिक्षण
न्यास अध्यक्ष ने बताया कि रंगमंच के साथ-साथ गायन, कथक और भरतनाट्यम का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। गायन प्रशिक्षण सुवारिता गुप्ता, कथक प्रशिक्षण विशाल कृष्ण तथा भरतनाट्यम प्रशिक्षण (Varanasi) दिव्या श्रीवास्तव द्वारा कराया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ रंगकर्मी सुमन पाठक भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने किया।
