Varanasi की विश्वप्रसिद्ध पंचकोशी परिक्रमा मार्ग के द्वितीय पड़ाव भीमचंडी में मंगलवार की सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गंधर्व सागर तालाब के समीप सुबह करीब 5:45 बजे श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के बीच अचानक एक विशाल बरगद के पेड़ की भारी-भरकम डाली भरभराकर नीचे गिर पड़ी। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और श्रद्धालुओं में चीख-पुकार शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डाली गिरते ही वहां मौजूद दर्जनों बच्चे और तीर्थयात्री बाल-बाल बच गए, जबकि चांदपुर निवासी श्रद्धालु पार्वती देवी इसकी चपेट में आकर घायल हो गईं। उनके पैर में चोट लगी और हादसे से घबराने के कारण उनका ब्लड प्रेशर भी बढ़ गया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और युवा मंच संयोजक नीरज पांडेय, समाज सेवी राहुल यादव, कोमल सिंह ,दीपक राजभर मौके पर पहुंचे और तत्काल पार्वती देवी के परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके (Varanasi) पर पहुंचे, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। फिलहाल उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। ग्राम प्रधान विजय गुप्ता ने बताया कि पेड़ की डाली गिरने से पार्वती देवी भयभीत हो गई थीं, जिससे उनका बीपी बढ़ गया था।
Varanasi: चेतावनी के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार
स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर और खतरनाक हो चुके इस बरगद के पेड़ के संबंध में पहले ही ग्राम प्रधान सहित संबंधित अधिकारियों (Varanasi) को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका था। बावजूद इसके समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचकोशी परिक्रमा मार्ग आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है। ऐसे संवेदनशील मार्ग पर खतरनाक पेड़ों की अनदेखी किसी बड़ी अनहोनी को न्योता देने जैसा है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचकोशी मार्ग पर मौजूद जर्जर पेड़ों और खतरनाक स्थानों का तत्काल सर्वे कराकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

