पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में CBI को बड़ी कामयाबी मिली है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के आरोप में मंगलवार सुबह वाराणसी के पुलिस लाइन इलाके से कोयला कारोबारी विनय राय उर्फ पमपम को गिरफ्तार कर लिया गया। लंबे समय से फरार चल रहे विनय राय की गिरफ्तारी ने इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड की जांच को नई दिशा दे दी है। CBI का दावा है कि हत्या की साजिश, शूटरों की व्यवस्था और फंडिंग में उसकी भूमिका बेहद अहम रही है।
गाजीपुर के जमानिया कोतवाली क्षेत्र के मतसा गांव का रहने वाला विनय राय धनबाद में रहकर कोयला कारोबार करता था। पिछले एक सप्ताह से CBI की टीम गाजीपुर, बलिया और वाराणसी में लगातार दबिश दे रही थी। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि विनय राय वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है और रेलवे स्टेशन की तरफ निकलने की तैयारी में है।
इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए CBI ने पुलिस लाइन के पास उसे दबोच लिया। CBI के अनुसार विनय राय के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर समेत कई गंभीर धाराओं में गाजीपुर के अलग-अलग थानों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत में पेश किया गया, जहां से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर करते हुए उसे CBI के हवाले कर दिया गया। अब जांच एजेंसी उसे अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई है।
पूर्वांचल कनेक्शन ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
इस हत्याकांड में पूर्वांचल का नाम लगातार सामने आ रहा है। विनय राय की गिरफ्तारी इस मामले में पूर्वांचल से तीसरी बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है। इससे पहले बलिया के राज सिंह और रसड़ा निवासी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान ही विनय राय और गाजीपुर निवासी संजय राय का नाम सामने आया था। CBI का कहना है कि हत्या की पूरी साजिश में पूर्वांचल, बिहार और झारखंड के युवकों का नेटवर्क सक्रिय था। जांच के दौरान नौ युवकों को चिन्हित किया गया था। एजेंसी का दावा है कि विनय राय ने झारखंड में रहकर हत्या की रणनीति तैयार की और शूटरों तक फंडिंग तथा हथियार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
शूटर की गिरफ्तारी के बाद खुली साजिश की परतें
CBI के मुताबिक, बलिया के शूटर राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद से ही विनय राय एजेंसी के रडार पर था। लेकिन वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। जांच टीम जब गाजीपुर के मतसा गांव पहुंची, तब तक वह वहां से फरार हो चुका था। इसके बाद एजेंसी ने उसकी लोकेशन ट्रैक की और वाराणसी में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए विनय राय लगातार मोबाइल और ठिकाने बदल रहा था। एजेंसी को शक है कि उसे स्थानीय स्तर पर मदद भी मिल रही थी। अब CBI इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
छह मई की हत्या ने मचाया था राजनीतिक भूचाल
छह मई 2026 को पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। हमलावरों ने कई राउंड गोलियां चलाई थीं, जिनमें से तीन गोलियां चंद्रनाथ रथ के पेट और सीने में लगी थीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज हत्या के बाद राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मच गई थी। CBI जांच में सामने आया कि फायरिंग करने वाला शूटर बलिया का राजकुमार सिंह था। इसके बाद से एजेंसी लगातार पूर्वांचल के नेटवर्क को खंगाल रही थी। अब विनय राय की गिरफ्तारी को इस केस का बड़ा ब्रेकथ्रू माना जा रहा है।
गिरफ्तारी के बाद CBI की टीम आरोपी को कैंट थाने लेकर पहुंची, जहां स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसे कचहरी स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। CBI ने अदालत में दलील दी कि मामले की गहराई से पूछताछ के लिए आरोपी को कोलकाता ले जाना जरूरी है। अदालत ने ट्रांजिट रिमांड मंजूर करते हुए आदेश दिया कि आरोपी को 21 मई की शाम छह बजे तक संबंधित अदालत में पेश किया जाए।

