Varanasi: श्रावण मास में मार्कण्डेय महादेव धाम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और डीसीपी प्रमोद कुमार ने कैथी स्थित डाक बंगले में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में सावन मेले के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाओं (Varanasi) की विभागवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेले की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Varanasi: डूबने की घटनाओं पर डीएम ने व्यक्त की नाराजगी
बैठक के दौरान मार्कण्डेय महादेव गिरी समाज के अध्यक्ष बजरंगी गिरी ने गंगा घाट पर श्रद्धालुओं के डूबने की घटनाओं का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से पूछा कि ऐसी घटनाओं (Varanasi) की जानकारी उन्हें समय पर क्यों नहीं दी गई। उन्होंने घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, गोताखोरों की व्यवस्था और बैरिकेडिंग को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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इसके अलावा डीपीआरओ को मार्कण्डेय महादेव धाम से गंगा घाट तक नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मी लगाने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी और डीसीपी ने मार्कण्डेय महादेव धाम तथा गंगा घाट (Varanasi) का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को शेष कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने भगवान मार्कण्डेय महादेव का दर्शन-पूजन किया और रुद्राभिषेक में भी भाग लिया।

