Varanasi: सावन की पहली सोमवारी पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं के साथ यादव समाज के लोगों ने भी अपनी वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच दशाश्वमेध घाट से गंगाजल लेकर श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और बाबा के दर्शन-पूजन कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

प्रशासन ने इस धार्मिक आयोजन के लिए विशेष व्यवस्था की थी। श्रद्धालुओं को सिंह द्वार (Varanasi) से मंदिर में प्रवेश और गेट नंबर-4 से निकासी की सुविधा दी गई। जलाभिषेक के दौरान सामान्य दर्शनार्थियों का प्रवेश कुछ समय के लिए रोका गया, ताकि परंपरागत जलाभिषेक सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

40 हजार से अधिक यादव बंधु रहे शामिल
इस अवसर पर 40 हजार से अधिक यादव बंधुओं का जत्था भी जलाभिषेक यात्रा में शामिल हुआ। गौरी केदारेश्वर महादेव मंदिर (Varanasi) से शुरू हुई लगभग 17 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने नौ प्रमुख शिवालयों और देवालयों में जलाभिषेक किया। यात्रा के दौरान गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और शिवभक्ति का उत्साह पूरे मार्ग पर दिखाई दिया।

Varanasi: 94वीं निकली पारंपरिक यात्रा
चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के बैनर तले यादव समाज ने अपनी 94वीं पारंपरिक जलाभिषेक यात्रा निकाली। तड़के सुबह केदार घाट स्थित गौरी केदारेश्वर महादेव में जलाभिषेक के साथ यात्रा की शुरुआत हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने तिलभांडेश्वर महादेव, बड़ी शीतला मंदिर, अहिलेश्वर महादेव सहित विभिन्न देवालयों (Varanasi) में पूजा-अर्चना करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक किया।

आंखों में अंजन और माथे पर चंदन लगाकर निकली यात्रा
वहीं, गोवर्धन पूजा समिति के नेतृत्व में भी यादव बंधुओं ने पारंपरिक ध्वज के साथ जलाभिषेक यात्रा निकाली। यात्रा शुरू होने से पहले सभी श्रद्धालुओं ने केदार घाट (Varanasi) पर मां गंगा में स्नान कर हंडा, गगरा और कलश में गंगाजल भरा। पारंपरिक वेशभूषा धारण कर, आंखों में अंजन और माथे पर चंदन लगाकर उन्होंने गौरी केदारेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया तथा देशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

इसके बाद श्रद्धालु तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और वहां जलाभिषेक करने के बाद समिति के अध्यक्ष विनोद यादव ‘गप्पू’, सहसंयोजक प्रकाश यादव, कैलाश यादव, दिनेश यादव ‘पप्पू’ तथा विनय यादव के नेतृत्व में पारंपरिक मार्ग से मदनपुरा, जगमबाड़ी (Varanasi) होते हुए गोदौलिया पहुंचे। यहां गोवर्धन पूजा समिति के पूर्व अध्यक्ष अशोक यादव और वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी ने यात्रा का स्वागत किया।

गर्भगृह में स्पर्श दर्शन और जलाभिषेक की अनुमति
स्वागत के बाद सभी श्रद्धालु दशाश्वमेध घाट पहुंचे, जहां पुनः गंगा स्नान कर गंगाजल लिया और पारंपरिक मार्ग से श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश किया। जिला प्रशासन (Varanasi) ने गोवर्धन पूजा समिति को लगभग आधे घंटे के लिए गर्भगृह में स्पर्श दर्शन और जलाभिषेक की अनुमति दी। निर्धारित समय के भीतर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर दर्शन किए। जलाभिषेक यात्रा में हजारों यादव बंधु शामिल हुए।

श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन की पहली सोमवारी पर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करना उनके समाज की वर्षों पुरानी आस्था और परंपरा का हिस्सा है, जिसका निर्वहन हर वर्ष पूरे श्रद्धाभाव और उत्साह के साथ किया जाता है।
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