बेरोजगारी देश में एक बीमारी जैसी हो गई है। प्राइवेट हो या सरकारी, नौकरी के लिए लोगों को जद्दोजहद करनी ही पड़ती है। एक नौकरी पाने के लिए लोग लाखों खर्च करने को भी तैयार रहते हैं। ऐसा ही एक मामला काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में सामने आया है। जहां कैंपस में चपरासी की नौकरी दिलाने पर व्यक्ति से लाखों ठग लिए गए।
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। कछवां के रहने वाले पीड़ित ने इस मामले में वाराणसी के भेलुपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने बताया कि उसे मेडिकल विभाग में चपरासी का पद पर जॉइनिंग लेटर मिला था, जिसके लिए उसने दो लाख रुपए भी जमा किए थे। इसके बाद जब वह अस्पताल में नौकरी जॉइन करने पहुंचा, तो पता चला कि लेटर फर्जी है।
पैसे मांगने पर प्रधानमंत्री से शिकायत की धमकी
पीड़ित ने आरोप लगाया कि नौकरी के नाम पर फ्रॉड करने वाले काशी विश्वनाथ मंदिर के सेवादार के दो बेटे हैं। जब उसने उन लोगों से पैसे मांगे, तो प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाकर गाली-गलौज की।
पीड़ित ने बताया कि अब तक आरोपी के झांसे में 12 लोग आ चुके हैं। इसमें नौकरी दिलाने से लेकर सॉफ्टवेयर बनाने तक का झांसा दिया गया। पीड़ित युवक ने आरोपी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
6 महीने में पैसा वापस करने का वादा, जो न हुआ पूरा…
पीड़ित ने कहा कि हम लोगों ने आरोपियों के घर पहुंचे तो सेवादार पिता और बड़े भाई ने कहा कि हमें 6 महीने दीजिए, आप लोगों का पैसा लौटा देंगे। वहीं, ऐसा करने वाले दोनों आरोपियों से मेरा कोई वास्ता नहीं है। पीड़ित ने बताया कि 6 महीने बीत गए लेकिन एक भी पाई नहीं मिली।
हम फिर जब उनके घर पहुंचे तो उन लोगों प्रधानमंत्री से लेकर स्थानीय अधिकारियों तक अपनी पहुंच का रसूख दिखाकर गालियां दी। अंत में मजबूरन हमें पुलिस की मदद लेनी पड़ी। पीड़ित ने बताया कि पूरा परिवार ही फर्जी है। यह पूरा परिवार नौकरी और फर्जी सॉफ्टवेयर बनाने का धंधा करता है। पुलिस से अनुरोध है कि इनको पकड़कर हमारे पैसे लौटाए जाए।