प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में CM Yogi ने शनिवार को पहली बार जनता दरबार लगाया। सुबह 8 बजे से सर्किट हाउस में शुरू हुए इस कार्यक्रम में करीब 100 लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें से लगभग 50 लोगों को ही अंदर बैठने की अनुमति मिली, शेष लोगों की एप्लिकेशन बाहर ही अधिकारियों ने ले ली।

खुद एक-एक व्यक्ति के पास पहुंचे CM Yogi
जनता दर्शन में CM Yogi खुद कुर्सी से उठकर एक-एक व्यक्ति के पास पहुंचे और उनकी बात सुनी। ज्यादातर शिकायतें पुलिस की लापरवाही, प्रशासनिक उदासीनता, हत्या, चोरी और जमीन विवाद से जुड़ी रहीं। मुख्यमंत्री ने अफसरों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

नौ दिन पहले सनबीम स्कूल के शिक्षक प्रवीण झा की अपार्टमेंट में पार्किंग विवाद को लेकर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी भी जनता दर्शन में पहुंचीं। उन्होंने पूरी वारदात सुनाते हुए दोषियों पर कड़ी सजा की मांग की। सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि कार्रवाई निश्चित रूप से होगी।

समय से पहले ही सीटें हुई फुल
वहीं सर्किट हाउस में लोगों के बैठने की व्यवस्था समय से 45 मिनट पहले ही पूरी तरह भर चुकी थी। इसके बाद पहुंचे लोगों की एप्लिकेशन गेट पर ही अधिकारियों ने जमा कर ली। अंदर जाने की जिद करने वालों को यह कहकर समझाया गया कि सभी प्रार्थनापत्र मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचेंगे।

बताते चलें कि CM Yogi आमतौर पर गोरखपुर और लखनऊ में जनता दर्शन करते हैं, लेकिन काशी में यह पहली बार आयोजित हुआ। इस बार इसे मिनी जनता दर्शन का स्वरूप दिया गया, जहां स्थानीय लोगों को अपनी समस्याएं सीधे रखने का मौका मिला।


आमतौर पर सीएम वाराणसी दौरे पर जनप्रतिनिधियों और चुनिंदा 30-35 प्रमुख लोगों से बंद कमरे में मुलाकात करते हैं, लेकिन इस बार आम जनता से सीधे जुड़ने के लिए जनता दरबार का आयोजन किया गया।