Cyber Fraud: प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद साइबर हैकिंग के केसेज कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। साइबर अपराधी आए दिन नए नए हथकंडे अपना रहे हैं। कभी नौकरी तो कभी लोन के नाम पर ठगी कर रहे हैं। इसी बीच पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों के नाम पर सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठग अधिकारियों के नाम से फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को अपने झांसे में ले रहे हैं और उनसे ठगी कर रहे हैं।
इसी बीच वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फेक फेसबुक आईडी बनाने का मामला सामने आया है। साइबर जालसाजों ने इस फेक अकाउंट से लगभग 1000 प्रतिष्ठित लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है। मामला सामने आने के बाद साइबर सेल सक्रिय हो गई है और जांच में जुटी हुई है।

Cyber Fraud: फेक आईडी बनाकर भेजी जा रही फ्रेंड रिक्वेस्ट
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नाम से बनाई गई फर्जी फेसबुक आईडी पर उनके परिचय में लिखा गया है कि वे आईपीएस अधिकारी हैं और लखनऊ में रहते हैं। शहर के कई लोगों को इस फेक आईडी से अचानक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलने लगी, जिससे लोगों को संदेह हुआ और मामला चर्चा में आ गया। जैसे ही इस घटना की जानकारी पुलिस कमिश्नर को मिली, उन्होंने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
साइबर थाने के एएसआई श्यामलाल गुप्ता ने बताया कि साइबर सेल इस फेक आईडी को ट्रैक कर रही है और इसके पीछे शामिल साइबर अपराधियों का पता लगाने के लिए साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के बाद अब लोगों को इस फेक आईडी से जुड़ने से रोका जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने आम जनता से अपील की है कि वे इस फेक अकाउंट की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और इसकी सूचना तुरंत साइबर सेल को दें। उन्होंने कहा कि यह साइबर अपराधियों द्वारा की गई एक साजिश हो सकती है, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
फेसबुक अकाउंट की क्लोनिंग: साइबर ठगी का नया हथकंडा
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट मृत्युंजय सिंह ने बताया कि फेसबुक अकाउंट की क्लोनिंग एक आम साइबर अपराध बन चुका है, जिसमें किसी व्यक्ति की फोटो, नाम और सार्वजनिक जानकारी का इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट बनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि यह क्लोनिंग मुख्य रूप से दो कारणों से की जाती है:
- पैसा ऐंठने के लिए: साइबर जालसाज फेक अकाउंट से पहले उस व्यक्ति के करीबियों को मैसेज भेजते हैं, फिर उनसे पैसे की मांग करते हैं।
- साइबर अपराध फैलाने के लिए: कई मामलों में जालसाज फर्जी अकाउंट के जरिए लोगों को भ्रामक जानकारियां भेजते हैं, जिससे वे ठगी का शिकार हो जाते हैं।
Cyber Fraud:हर दिन 3 लाख अकाउंट की होती है क्लोनिंग
मृत्युंजय सिंह के अनुसार, हर दिन करीब 3 लाख फेसबुक अकाउंट की क्लोनिंग या हैकिंग की जाती है। कुछ लोग अपनी सुरक्षा के चलते इससे बच जाते हैं, जबकि कई लोग साइबर ठगों के झांसे में आकर पैसे गवां बैठते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति फेसबुक के जरिए पैसों की मांग करता है, तो बिना पुष्टि किए पैसे न भेजें। पहले उस व्यक्ति को फोन करके कन्फर्म करें कि वह वास्तव में पैसों की जरूरत में है या नहीं।
फेसबुक अकाउंट की क्लोनिंग से कैसे बचें?
मृत्युंजय सिंह के अनुसार, कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतकर फेसबुक अकाउंट की क्लोनिंग से बचा जा सकता है:
- अकाउंट को लॉक करें: अपने फेसबुक अकाउंट को हमेशा लॉक या प्राइवेट मोड में रखें।
- प्राइवेसी सेटिंग्स अपडेट करें: फेसबुक के प्राइवेसी सेक्शन में जाकर अपनी प्रोफाइल और पोस्ट की शेयरिंग सेटिंग्स को “फ्रेंड्स” या “ओनली मी” पर सेट करें।
- अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उसकी प्रोफाइल की जांच करें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: अगर कोई व्यक्ति संदिग्ध लिंक भेजता है, तो उसे क्लिक करने से बचें, क्योंकि इससे आपका अकाउंट हैक हो सकता है।
- पब्लिक पोस्ट से बचें: अपनी निजी जानकारियों को पब्लिक में शेयर करने से बचें, क्योंकि साइबर अपराधी इन्हीं जानकारियों का गलत इस्तेमाल करते हैं।