India Name: देश में 18 से 22 सितम्बर तक संसद के विशेष सत्र की बैठक होने वाली है। इसका अजेंडा सरकार ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है। लेकिन संभावनाओं का दौर जारी है। इन संभावनाओं में एक संभावना देश का नाम ‘इंडिया’ से बदलकर भारत रखा जाना भी है। हालांकि मोदी सरकार के मंत्री अनुराग ठकुर ने इसे ख़ारिज कर दिया है। इसे अफवाह बताया है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि ये सब महज अफवाह है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि कोई भी व्यक्ति जो भारत शब्द पर आपत्ति जताता है, वह साफतौर पर उसकी मानसकिता को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ‘मैं भारत सरकार में मंत्री हूं। इनमें कुछ भी नया नहीं है। G20-2023 (ब्रांडिंग, लोगो) पर भारत और इंडिया दोनों लिखा होगा, तो फिर भारत नाम (India Name) पर आपत्ति क्यों? भारत से किसी को आपत्ति क्यों है? इससे उनकी मानसिकता का पता चलता है कि वे दिल से भारत या इंडिया के खिलाफ हैं। विलायत में जाते हैं, तो भारत की निंदा करते हैं। विलायत में जाते हैं तो भारत की निंदा करते हैं। जब वे भारत में होते हैं तो उन्हें भारत के नाम पर आपत्ति होती है।”
India Name: भारत नाम पर किसी को आपत्ति क्यों?
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “इसे किसने गिराया है? (India Name) किसी ने इसे छोड़ा नहीं है। भले ही आप G20 ब्रांडिंग को देखें यह इंडिया 2023 और भारत है। भारत लिखे जाने पर किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए? यह ब्रांडिंग पिछले एक साल से की जा रही है।”
गौरतलब है कि 5 सितम्बर को मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि विशेष सत्र के दौरान देश का नाम ‘India’ हटाकर सिर्फ ‘भारत’ रखे जाने की योजना है। G20 के डिनर के लिए राष्ट्रपति भवन की तरफ से भेजे गए निमंत्रण पत्र में ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखे जाने से इसको बल मिला था। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक ट्वीट में लिखा, “भारत का गणतंत्र: मैं खुश और गर्वित हूँ कि हमारी सभ्यता अमृत काल की तरफ बढ़ रही है।” इसके बाद सोशल मीडिया में भी ‘भारत’ ट्रेंड करने लगा था।