Varanasi: इस वक़्त शहर के चर्चित गंगा इफ्तार पार्टी के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इस केस के शिकायतकर्ता और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के नेता रजत जायसवाल को जान से मारने की धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने के मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले रजत जायसवाल को इंटरनेशनल नंबरों और ईमेल (Varanasi) के जरिए धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉल करने वाला व्यक्ति पंजाबी भाषा में बात कर रहा था और उन्हें भद्दी गालियां दी गईं।

इस पूरे मामले की शिकायत सिगरा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है। रजत जायसवाल ने इसकी जानकारी गौरव बंसवाल को भी दी है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Varanasi: 14 मुस्लिम युवक भेजे गए जेल
गौरतलब है कि हाल ही में गंगा नदी (Varanasi) में नाव पर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 मुस्लिम युवकों को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। आरोप है कि इन युवकों ने रमजान के दौरान नाव पर इफ्तार पार्टी की और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली गतिविधियां कीं।
मामले में सुनवाई के बाद अमित कुमार यादव की अदालत ने सभी आरोपियों को 1 अप्रैल 2026 तक के लिए जेल भेज दिया है। साथ ही उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी तलब की गई है, जिस पर अगली सुनवाई 23 मार्च को होनी है।

इस बीच हिंदू पक्ष के वकील शशांक शेखर त्रिपाठी ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपियों ने नाविकों को धमकाकर उनकी इच्छा के विरुद्ध नाव ले गए और अपहरण जैसा कृत्य किया। साथ ही धार्मिक स्थलों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गईं।
वकील ने यह भी दावा किया कि कोर्ट परिसर में उन्हें भी ‘देख लेने’ की धमकी दी गई है। उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे मां गंगा और सनातन धर्म के सम्मान की जीत बताया।
फिलहाल पुलिस (Varanasi) पूरे मामले की जांच में जुटी है और धमकी देने वालों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

