Varanasi News: जिला महिला चिकित्सालय कबीरचौरा में रविवार को हुई लापरवाही ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत उजागर कर दी। प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिला को अस्पताल स्टाफ ने भर्ती करने से मना कर दिया और बीएचयू रेफर कर दिया। लेकिन समय रहते चिकित्सा सुविधा न मिलने के कारण महिला को अस्पताल परिसर में ही टीन शेड के नीचे बच्चे को जन्म देना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. नीना गुप्ता ने मामले (Varanasi News) की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित की है। साथ ही, ड्यूटी पर मौजूद नर्स के खिलाफ कार्रवाई और संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
Varanasi News: भर्ती करने के बजाय निकाल दिया बाहर
पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने गर्भवती को भर्ती करने के बजाय बाहर निकाल दिया। मजबूरी में परिवारजन अस्पताल परिसर में ही टीन शेड के नीचे ठहर गए। तभी महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ी और उसने वहीं बच्चे को जन्म दे दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रसव के दौरान महिला को बुनियादी चिकित्सा सुविधा तक नहीं दी गई।
घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी लापरवाही स्वीकार की है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और जिम्मेदार नर्सों व चिकित्सकों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच (Varanasi News) पूरी होने के बाद दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

