Varanasi: काशी के मठों व मंदिरों पर लगाये जाने वाले टैक्स को लेकर संतों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। संतों द्वारा इसे लेकर प्रदर्शन भी किया जा रहा। वहीं बीते बुधवार को इस मामले को लेकर जगतगुरु बालकदास ने आपातकाल बैठक बुलाई गई और इसे धार्मिक अन्याय बताया।
त्रुटीवश जारी हुआ गलतनोटिस
इसी बीच इस प्रदर्शन को देखते हुए नगर आयुक्त (Varanasi) हिमांशु नागपाल ने गुरूवार को एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई। उन्होंने इस प्रकरण को लेकर सभी जानकारी दी। इस दौरान नगर आयुक्त ने कहा कि प्रणली में परिवर्तन के दौरान जो नोटिस जारी किए गए थे, उसमें किसी त्रुटीवश ये नोटिस जारी हुआ है। इस त्रुटी को तत्काल ठीक किया जायेगा।
नोटिस को जल्द ठीक कराया जायेगा
साथ ही उन्होंने आगे कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल (Varanasi) पर कोई भी टैक्स नही लगाया जायेगा। इस संबंध में एक बैठक बुलाकर नोटिस को जल्द से जल्द ठीक कराया जायेगा। यदि कहीं से भी हमें खबर मिलती है कि इस प्रकार के गलत नोटिस के नाम पर कोई पैसा वसूल रहा है तो इसपर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
आपको बताते चलें कि कुछ दिनों पहले शहर (Varanasi) के मठ व मंदिरों को लेकर एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें 15 दिन के अंदर टैक्स जमा करने की बात कही गई थी और यह चेतावनी भी दी गई थी कि यदि 15 दिन के बीतर टैक्स नहीं भरा जायेगा तो उसपर कुर्की की कार्यवाही की जाएगी। इसी नोटिस को लेकर संतों में आक्रोश देखने को मिल रहा था। वहीं अब प्रशासन ने इसे अपनी त्रुटी मानते हुए नोटिस को ख़ारिज कर दिया है।

