Varanasi: दावे स्मार्ट सिटी के, लेकिन हकीकत में नरकीय जीवन! सालों पुरानी सीवर की समस्या अब जनता के सब्र का बांध तोड़ रही है। लम्बे समय से बजरडीहा के आज़ाद नगर (वार्ड नंबर 27) के इलाके में सीवर जाम और जलजमाव की गंभीर समस्या थी। जिसे लेकर समाजवादी पार्टी के बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के महानगर (Varanasi) अध्यक्ष अमन यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगो ने जमकर धरना प्रदर्शन किया।
मंगलवार को क्षेत्रीय नागरिक बड़ी संख्या में जलकल विभाग कार्यालय (Varanasi) पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पिछले करीब दो वर्षों से इलाके में सीवर जाम की समस्या बनी हुई है। नालियां उफनती रहती हैं, सड़कों पर गंदा पानी भरा रहता है और घरों के सामने बदबूदार जलजमाव से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
Varanasi: तत्काल सफाई करने का आश्वासन
धरने के दौरान जलकल विभाग के महाप्रबंधक, सचिव समेत अन्य अधिकारी नगर आयुक्त के साथ बैठक में व्यस्त थे। इसी बीच रेवड़ी तालाब चौकी इंचार्ज शिवम श्रीवास्तव धरना स्थल पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों से मोबाइल पर वार्ता की। इसके बाद विभाग की ओर से मौके पर कर्मचारियों को भेजकर तत्काल साफ-सफाई कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया गया।
स्थायी समाधान के लिए माँगा 10 दिन
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों (Varanasi) को भरोसा दिलाया कि जब तक पूरी तरह संतोषजनक सफाई नहीं हो जाती, तब तक कार्य लगातार जारी रहेगा। साथ ही स्थायी समाधान के लिए 10 दिन का समय मांगा गया। हांलाकि प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। धरने में अब्दुल्ला शाहिद, बाबू भारती सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे। नेतृत्व कर रहे अमन यादव ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयावधि में समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रीय जनता दोबारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलजमाव के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि 10 दिन में क्या वास्तव में समस्या का स्थायी समाधान हो पाता है या नहीं।

